
बस्ती, 21 जून . यूपी की बस्ती पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर बाबूलाल चौधरी हत्याकांड का खुलासा कर लिया है. इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि जमीन और पैसों के विवाद के चलते सगे भाई और भतीजे ने ही हत्या की साजिश रची थी.
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त ईंट और बाबूलाल चौधरी का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है. पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में सर्किल ऑफिसर (सदर) सत्येंद्र भूषण तिवारी ने वाल्टरगंज थाना पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई के बारे में जानकारी दी.
19 जून को बाबूलाल चौधरी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था. घटना के बाद बाबूलाल के भाई शिवकुमार चौधरी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन कर जांच शुरू की थी.
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सर्विलांस इनपुट और संदिग्धों की गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया. इसी दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिसके बाद मामला पूरी तरह पलट गया और जांच की दिशा मृतक के परिजनों की ओर मुड़ गई.
पुलिस के अनुसार, बाबूलाल चौधरी की कोई संतान या सीधा वारिस नहीं था. वह अपने हिस्से के लगभग पांच लाख रुपए मांग रहा था. इसके अलावा, पैतृक जमीन को लेकर भी परिवार के भीतर विवाद चल रहा था. आरोप है कि भाई शिवकुमार चौधरी और उसका पुत्र पंकज चौधरी पैतृक संपत्ति पर कब्जा करना चाहते थे. जांच में यह सामने आया कि संपत्ति और धन के लालच में दोनों ने मिलकर बाबूलाल की हत्या की साजिश रची.
पुलिस ने शिवकुमार चौधरी और उसके पुत्र पंकज चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों आरोपी रतनपुर अर्जुन गांव के निवासी हैं. पुलिस ने उन्हें रतनपुर मोड़ के पास से गिरफ्तार किया. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई ईंट तथा बाबूलाल का मोबाइल फोन बरामद किया गया.
क्षेत्राधिकारी सदर सत्येंद्र भूषण तिवारी ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे में वाल्टरगंज थाना पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर पुलिस ने घटना के पीछे की साजिश का पर्दाफाश किया. पुलिस ने घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की और मात्र 48 घंटे के भीतर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की. आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है.
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पीएसके/वीसी