चुनावों से पहले नई राष्ट्रीय टीम के जरिए भाजपा का फोकस संगठन और सामाजिक विस्तार पर

नई दिल्ली, 17 अगस्त . भारतीय जनता पार्टी आने वाले चुनावों की तैयारी के लिए अपने संगठन में बड़े बदलाव कर रही है. सोमवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा बनाई नई राष्ट्रीय टीम में अनुभवी नेताओं, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों और संगठन में काम करने वाले नेताओं को जगह दी गई है. इससे साफ है कि भाजपा चुनावी रणनीति में संगठन, जनसंपर्क और बेहतर कामकाज पर जोर देना चाहती है.

सबसे ज्यादा चर्चा स्मृति ईरानी की राष्ट्रीय महासचिव के रूप में वापसी की हो रही है. वह एक मजबूत प्रचारक और उत्तर प्रदेश में पार्टी का जाना-पहचाना चेहरा हैं. उनकी नियुक्ति को खास तौर पर यूपी में भाजपा की स्थिति मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

नई सूची में कई ऐसे नेताओं को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है, जिन्होंने अपने क्षेत्रों में अच्छा राजनीतिक प्रदर्शन किया है. त्रिपुरा के बिप्लब कुमार देब को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है. राजस्थान के सतीश पूनिया को जाट समुदाय के प्रभावशाली चेहरे के रूप में जिम्मेदारी मिली है. उत्तर प्रदेश के हरीश द्विवेदी और भोला सिंह को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. पश्चिम बंगाल के प्रमुख नेता मनोज टिग्गा को भी राष्ट्रीय संगठन में शामिल किया गया है. वहीं, गुजरात के युवा नेता हेमांग जोशी को युवा मोर्चा की कमान सौंपी गई है.

हालांकि, यह बदलाव सिर्फ नए चेहरों तक सीमित नहीं है. पार्टी ने अपने पुराने और अनुभवी नेताओं पर भी भरोसा बनाए रखा है. बीएल संतोष राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बने हुए हैं, जबकि सौदान सिंह और शिवप्रकाश भी अपनी जिम्मेदारियों पर कायम हैं. इसके साथ ही राम माधव की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में वापसी हुई है, जो संगठन में अनुभवी नेताओं की अहमियत को दिखाती है.

नई टीम में विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर भी खास ध्यान दिया गया है. 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में से 6 महिलाएं हैं. इसके अलावा युवा, महिला, ओबीसी, किसान, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अल्पसंख्यक मोर्चों के लिए अलग-अलग नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है.

पार्टी की मीडिया और सोशल मीडिया टीम में भी बदलाव किए गए हैं. अनिल बलूनी मीडिया संयोजक बने रहेंगे, जबकि छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को राष्ट्रीय सोशल मीडिया संयोजक बनाया गया है. माना जा रहा है कि वे डेटा आधारित और डिजिटल माध्यमों पर ज्यादा फोकस करेंगे.

पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाया गया है, जिससे संगठन में एक अनुभवी नेता की भूमिका और मजबूत हुई है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नवीन की यह टीम एक खास सोच के साथ बनाई गई है. इसका मकसद किसी एक व्यक्ति पर निर्भर रहने के बजाय संगठन को मजबूत करना है. भाजपा अपने पुराने मजबूत संगठनात्मक ढांचे को बनाए रखते हुए युवाओं, अलग-अलग सामाजिक वर्गों और डिजिटल माध्यमों पर ज्यादा ध्यान दे रही है. पार्टी का संदेश साफ है कि आने वाले चुनावों के लिए कार्यकर्ताओं को मजबूत किया जाए, संवाद व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए और बूथ स्तर तक संगठन को तैयार किया जाए.

एससीएच/वीसी