
लखनऊ, 2 अगस्त . उत्तर प्रदेश विधानसभा के सोमवार से शुरू हो रहे चार दिवसीय मानसून सत्र से पहले रविवार को आयोजित सर्वदलीय बैठक में सदन के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन पर सहमति बनी. विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सभी राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने की अपील की, जबकि सभी दलों ने सदन के संचालन में पूरा सहयोग देने का भरोसा जताया.
विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक विमर्श का सर्वोच्च मंच है और इसकी गरिमा बनाए रखना सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों की साझा जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि सदन की कार्यवाही तभी प्रभावी होगी जब सभी सदस्य नियमों का पालन करते हुए संयमित, मर्यादित और गरिमापूर्ण भाषा का प्रयोग करेंगे.
महाना ने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में सभी दलों के सहयोग से विधानसभा की कार्यवाही सफलतापूर्वक संचालित होती रही है. उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी सत्ता पक्ष और विपक्ष सकारात्मक माहौल में जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे और स्वस्थ संसदीय परंपराओं को आगे बढ़ाएंगे. उन्होंने बताया कि चार दिवसीय सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी और वित्तीय कार्य संपन्न किए जाएंगे. साथ ही, विधानसभा के इतिहास में पहली बार सदन में ‘वंदे मातरम्’ का पूर्ण गायन भी किया जाएगा.
बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि सदन का सुचारू संचालन सत्ता पक्ष और विपक्ष के आपसी सहयोग से ही संभव है. उन्होंने सभी दलों द्वारा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से सदन चलाने के आश्वासन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे लोकतांत्रिक परंपराएं और मजबूत होंगी.
सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय, अपना दल (सोनेलाल) के राम निवास वर्मा, कांग्रेस की आराधना मिश्रा ‘मोना’, राष्ट्रीय लोकदल के राजपाल सिंह बालियान, सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर, निषाद दल के रमेश सिंह और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने भाग लिया.
सभी दलों ने विधानसभा अध्यक्ष को सदन के सुचारू और गरिमापूर्ण संचालन में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया. इससे पहले कार्य-मंत्रणा समिति की बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें चार दिवसीय विधानमंडल सत्र के विधायी और वित्तीय कार्यों की रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.
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विकेटी/डीकेपी