अभिषेक बनर्जी को बंगाल सीएम का जवाब, पुलिस अधिकारियों पर चेतावनी के मुद्दे पर पलटवार

कोलकाता, 30 अक्टूबर . पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव और डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला. मुख्यमंत्री ने बनर्जी द्वारा राज्य के कानून प्रवर्तन अधिकारियों को दी गई कड़ी चेतावनी के बाद, व्यंग्यपूर्वक उन्हें ‘सोडियम-पोटेशियम के असंतुलन’ के लिए चिकित्सा उपचार कराने की सलाह दी.

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी बनर्जी द्वारा पुलिसकर्मियों को सार्वजनिक रूप से धमकी देने के एक दिन बाद आई है. बनर्जी ने आरोप लगाया था कि अधिकारी राज्य सरकार के आदेश पर तृणमूल कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसा रहे हैं और चेतावनी दी थी कि सरकार बदलने के बाद कोई उन्हें नहीं बचाएगा.

शुक्रवार को शहर के एक होटल के पास पत्रकारों से बातचीत करते हुए अधिकारी ने बनर्जी का नाम लिए बिना, इस बात पर जोर दिया कि जांच अधिकारी बनर्जी के पूर्व निजी सहायक सुमित रॉय से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर रहे हैं, जिनसे हाल ही में पुलिस ने पूछताछ की थी.

अधिकारी ने कहा कि उनके लिए पैसे इकट्ठा करने वाला व्यक्ति, उनका पीए लगता है. उसने सब कुछ बता दिया है. वे 15 साल तक सरकार में रहे इसलिए शायद अभी भी दो-चार लोग फेसटाइम के जरिए उनसे बातचीत करते हों. फिर भी, हमें सारी जानकारी मिल रही है.

कानून प्रवर्तन एजेंसियों को दी गई जानकारियों के कारण घबराहट में आकर बनर्जी के इस गुस्से का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके सोडियम-पोटेशियम स्तर में कुछ गड़बड़ है. उन्हें इलाज के लिए न्यूयॉर्क जाना चाहिए. हम उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी कर देंगे.

अधिकारी का यह पलटवार गुरुवार शाम को अभिषेक बनर्जी के तीखे भाषण के बाद आया है, जिसमें तृणमूल नेता ने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला और राज्य पुलिस प्रशासन की आलोचना की.

बनर्जी ने कानून प्रवर्तन अधिकारियों को खुले तौर पर राजनीतिक प्रभाव में काम करने के खिलाफ चेतावनी दी.

उन्होंने कहा कि मैं हर उस अधिकारी को चेतावनी दे रहा हूं जो यह सोचता है कि वह सुवेंदु अधिकारी के इशारे पर काम करेगा. सरकार बदलने पर कोई उन्हें नहीं बचा पाएगा. कानून से ऊपर कोई नहीं है. अगर आप सोचते हैं कि कोई गिरेगा और बच जाएगा, तो कोई उसे नहीं बचाएगा. इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं. दो साल में क्या होता है, हम देखेंगे.

–

एमएस/