
बेंगलुरु, 3 जुलाई . कर्नाटक पुलिस ने शुक्रवार को बेंगलुरु खदान हादसा से जुड़े मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. यह हादसा गुरुवार सुबह तड़के बेंगलुरु दक्षिण तालुक के मदपट्टना स्थित क्रशर यूनिट में हुआ. इस घटना में सात मजदूरों की मौत हुई थी, जबकि पांच अन्य घायल हो गए.
इस घटना को लेकर मजदूर गोपीकृष्णन की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. सेंट्रल जोन के आईजीपी एस. गिरीश ने बताया कि यह हादसा अलग-अलग मालिकों की दो आसपास की खदानों से जुड़ा है.
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साई राम क्रशर के मालिक पांडुरंगा, खदान के इंचार्ज लोकेश और स्थानीय इंचार्ज राजू के तौर पर हुई है. पुलिस के अनुसार, तीनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. पांडुरंगा ने बसवेश्वरा क्रशर को लीज पर लिया था और खदान चला रहा था. जांच के सिलसिले में पुलिस कावेरी क्रशर के मालिक उदय शंकर और बसवेश्वरा क्रशर के मालिक डी. आनंदस्वामी से भी पूछताछ कर सकती है.
पुलिस जांच में सामने आया है कि पत्थर की खदान में सात मजदूरों की मौत जिस बड़े पत्थर (बोल्डर) के नीचे दबकर हुई, उसे ऊपर स्थित दूसरी खदान में चल रही एक जेसीबी मशीन ने धक्का दिया था.
वहीं, हादसे में बाल-बाल बचे तमिलनाडु के मजदूर गोपी ने आरोप लगाया कि ऊपरी खदान में काम करने वाले मजदूरों ने पत्थर हटाने से पहले नीचे काम कर रहे लोगों को चेतावनी नहीं दी थी. पत्थर गिरने से कई लोग चट्टानों के नीचे दब गए. पुलिस ने बताया कि कुछ शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए थे और उन्हें पहचानना नामुमकिन था. साइट पर मौजूद एक ट्रैक्टर, एक टिपर और अन्य भारी मशीनरी को भी भारी नुकसान पहुंचा.
बाद में मृतकों की पहचान रामू, राजपाल सिंह, सत्यनारायण सिंह, राम अवतार सिंह, राजेंद्र प्रसाद, नूहार और भुवनेश्वर सिंह के तौर पर हुई. पुलिस के मुताबिक, मृतकों में से एक कर्नाटक के यादगीर जिले का रहने वाला था, जबकि बाकी मध्य प्रदेश के थे.
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी और पूरी जानकारी मिलने के बाद मुआवजे की घोषणा की जाएगी.
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डीसीएच/