टीबी के खिलाफ सिर्फ बातें नहीं, बल्कि इलाज भी कर रहा है ‘भाबला फाउंडेशन’ : राकेश बेदी

मुंबई, 29 जुलाई . अभिनेता राकेश बेदी बुधवार को मुंबई में आयोजित ‘भाबला फाउंडेशन के टीवी बुक मार्क कैंपेन’ के एक कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने इस जनस्वास्थ्य अभियान का समर्थन किया और अपनी उपस्थिति दर्ज कराई.

अभिनेता ने से कहा, “भाबला फाउंडेशन के टीवी बुक मराट कैंपेन में आकर बहुत अच्छा लग रहा है और मुझे लगता है कि वे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. वे सिर्फ बातें नहीं कर रहे हैं बल्कि वे लोगों का इलाज भी कर रहे हैं.”

अभिनेता ने बताया कि आज की युवा पीढ़ी यानी जेन जी टीबी को लेकर काफी जागरूक है. उन्होंने कहा कि यह एक सजग और समझदार पीढ़ी है. भारत में टीबी (तपेदिक) को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान और न-क्षय योजना जैसे बड़े कदम उठाए जा रहे हैं. इन अभियानों के जरिए सामुदायिक स्क्रीनिंग, मुफ्त जांच और मरीजों को पोषण संबंधी सहायता दी जा रही है.

अभिनेता राकेश बेदी की बात करें, तो उन्होंने अपनी बेहतरीन हास्य और चरित्र भूमिकाओं से दर्शकों को हंसाया है. उन्होंने हिंदी फिल्मों, टीवी धारावाहिकों और थिएटर में काम किया है.

पुणे के फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान से अभिनय में स्नातक करने के बाद अभिनेता ने दिल्ली में रंगमंच और विभिन्न समूहों से अभिनय की शुरुआत की थी. इसके बाद साल 1979 में फिल्म ‘अहसास’ या ‘हमारे तुम्हारे’ से अपना फिल्मी सफर शुरु किया. इसके बाद अभिनेता को ‘चश्मे बद्दूर’ (1981) में ओमी और ‘एक दूजे के लिए’ (1981) जैसी फिल्मों से जबरदस्त पहचान मिली. इसके साथ ही, अभिनेता कई लोकप्रिय धारावाहिकों का हिस्सा भी रहे हैं.

वहीं, ‘भाभी जी घर पर हैं’ (2015) और ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ (2020) जैसे लंबे समय तक चलने वाले शोज का भी हिस्सा रहकर दर्शकों का मनोरंजन किया.

हालांकि, साल 2025 में जासूसी एक्शन-थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (2026) में जमील जमाली खान के किरदार से उन्हें एक नए रूप में भारी प्रशंसा मिली. अभिनेता की इस रोल ने उन्हें देश-विदेश में अलग पहचान दिलाई. साथ ही, उनके अंदर के कलाकार को दर्शकों की तरफ से शानदार प्रतिक्रिया मिली.

एनएस/पीएम