आम लोगों के लिए भारत ऑप्टेल ने लॉन्च की स्वदेशी ‘गरुड़’ दूरबीन

नई दिल्ली, 13 अगस्त . भारतीय रक्षा क्षेत्र की कंपनी, भारत ऑप्टेल लिमिटेड ने आम लोगों के लिए स्वदेशी ‘गरुड़’ उच्च-रिजॉल्यूशन दूरबीन लॉन्च की है. यानी भारतीय रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली यह तकनीक अब आम लोगों के हाथों में भी होगी. इसकी मदद से पक्षियों को करीब से निहारना, जंगल में वन्यजीवों पर नजर रखना या फिर समुद्र में दूर तक देखना सामान्य लोगों के लिए संभव हो सकेगा. रक्षा उत्पादन विभाग के अधीन भारत ऑप्टेल एक मिनी रत्न श्रेणी-1 की कंपनी है.

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, देहरादून स्थित आयुध निर्माणी ने इस दूरबीन को पूरी तरह स्वदेशी डिजाइन और निर्माण के साथ तैयार किया है. खास बात यह है कि ‘गरुड़’ जिस तकनीक पर आधारित है, उसका इस्तेमाल भारतीय सशस्त्र बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कठिन परिचालन परिस्थितियों में लंबे समय से करते रहे हैं. ‘गरुड़’ में 8 गुना आवर्धन क्षमता है. यानी दूर मौजूद वस्तुओं को काफी करीब और स्पष्ट देखने में मदद मिलेगी. इसका 7.6 डिग्री का व्यापक दृश्य क्षेत्र एक साथ बड़े इलाके को देखने की सुविधा देता है.

आंखों की अलग-अलग दृष्टि के अनुसार इसमें प्लस-माइनस 5 डायोप्टर समायोजन की सुविधा है. लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान आंखों को आराम देने के लिए मुलायम आईकप लगाए गए हैं, जबकि इसकी मजबूत और सुविधाजनक पकड़ इसे इस्तेमाल करना आसान बनाती है. ‘गरुड़’ को बाहरी गतिविधियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इसकी संरचना मौसम के विभिन्न हालात में इस्तेमाल के अनुकूल है. करीब 610 ग्राम वजन वाली यह दूरबीन आकार में कॉम्पैक्ट होने के साथ आसानी से कहीं भी ले जाई जा सकती है.

पक्षियों को देखने के शौकीन, वन्यजीव प्रेमी और प्रकृति की खोज करने वाले लोग इसका इस्तेमाल कर सकेंगे. इसके संभावित इस्तेमाल में पक्षी अवलोकन, वन्यजीव निरीक्षण, प्रकृति अध्ययन, यात्रा, खेल, वानिकी, समुद्री गतिविधियां और सुरक्षा संबंधी कार्य शामिल हैं. भारत ऑप्टेल के लिए यह लॉन्च इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके साथ कंपनी ने नागरिक बाजार में कदम रखा है. यानी जिस तरह की भरोसेमंद प्रकाशीय तकनीक अब तक मुख्य रूप से रक्षा और सुरक्षा बलों की जरूरतों को पूरा करती रही, वही तकनीक अब आम उपभोक्ताओं के लिए भी उपलब्ध होगी.

बता दें कि भारत ऑप्टेल के पास सटीक प्रकाशीय उपकरण बनाने का 1943 से अनुभव है. कंपनी ने इसी दशकों पुराने अनुभव को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर ‘गरुड़’ तैयार किया है. ‘गरुड़’ का शुभारंभ 13 अगस्त को नई दिल्ली के डीपीएसयू भवन में रक्षा उत्पादन विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. गरिमा भगत की मौजूदगी में हुआ. कार्यक्रम में रक्षा उत्पादन विभाग, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और वन्यजीव क्षेत्र से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद रहे.

जीसीबी/डीकेपी