
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चारा घोटाले के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित घोषित अपराधी सत्येंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है.
दरअसल, वर्ष 2001 में इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपी सत्येंद्र कुमार फरार हो गया था और सीबीआई पिछले 25 वर्षों से अधिक समय से उसकी तलाश कर रही थी. आरोपी मुकदमे का सामना करने के लिए अदालत में पेश नहीं हुआ, इसलिए अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी का स्थायी वारंट जारी कर दिया था.
लगातार भौतिक और तकनीकी निगरानी तथा मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर सीबीआई को आरोपी के नेपाल में होने का पता चला. हाल ही में आरोपी भारत में दाखिल हुआ और गुरुवार को ट्रेन से गुना (मध्य प्रदेश) से लखनऊ (उत्तर प्रदेश) की यात्रा कर रहा था.
खुफिया जानकारी मिलने पर सीबीआई की एक विशेष टीम गठित की गई, ताकि गुना से लखनऊ के रास्ते में आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके. आरोपी के आने से पहले ही इस टीम को लखनऊ रेलवे स्टेशन पर तैनात कर दिया गया था. आधी रात के आसपास सीबीआई की टीम ने आरोपी को पकड़ लिया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया.
सीबीआई की ओर से की गई कार्रवाई का एक दूसरा मामला शुक्रवार को उत्तर प्रदेश से सामने आया, जहां लखनऊ की कोर्ट ने आरोपी बोचा उर्फ राजू सोनी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की कैद और 9,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है. यह मामला 19 नवंबर 2015 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ स्थित कोतवाली थाने के तत्कालीन एसएचओ, इंस्पेक्टर अनिल कुमार की गैर-इरादतन हत्या से जुड़ा है.
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) के आदेश के पालन में प्रतापगढ़ के कोतवाली थाने से जांच अपने हाथ में लेते हुए 29 जून 2018 को यह मामला दर्ज किया था. यह मामला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में ‘होटल वैष्णवी’ की ‘मॉडल शॉप’ पर इंस्पेक्टर अनिल कुमार, जो उस समय प्रतापगढ़ के कोतवाली थाने के एसएचओ थे और बाद में निलंबित कर दिए गए थे, की हत्या से संबंधित है.
जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने दो आरोपी जीशान खान और बोचा उर्फ राजू सोनी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. दोनों आरोपियों के खिलाफ 14 दिसंबर 2022 को आरोप तय किए गए थे.
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डीके/डीकेपी