
चंडीगढ़, 21 मई . कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. जमीन पर कब्जे के मामले को लेकर उन्होंने कोर्ट में अवमानना का केस दायर किया था, लेकिन कोर्ट ने न सिर्फ इसे खारिज कर दिया बल्कि जुर्माना भी लगा दिया.
कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने अपने पैतृक गांव में पंचायत की जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई के बाद अवमानना का केस दायर किया था, लेकिन कोर्ट ने कहा कि खैरा ने अपने पुश्तैनी गांव में पंचायती जमीन से कब्जा हटाने की कार्रवाई को अवमानना का रंग देने की कोशिश की.
मामला विवादित जमीन से जुड़ा था, जिस पर प्रशासन ने कब्जा हटाने की कार्रवाई की थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि संबंधित जमीन पंचायती रास्ते का हिस्सा है और उस पर निजी कब्जा नहीं किया जा सकता.
अदालत ने खैरा को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है. कोर्ट ने टिप्पणी की कि अवमानना याचिका के जरिए प्रशासनिक कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया गया, जबकि रिकॉर्ड में जमीन को सार्वजनिक रास्ता बताया गया है.
हाई कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए सुखपाल सिंह खैरा पर 6 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया. अदालत के इस फैसले को खैरा के लिए बड़ा कानूनी और राजनीतिक झटका माना जा रहा है.
इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि प्रशासन ने बिना नोटिस दिए पैतृक संपत्ति की दीवार और गेट के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है. वहीं, राज्य सरकार ने कहा कि हटाया गया हिस्सा ग्राम पंचायत रामगढ़ की सार्वजनिक सड़क पर अवैध अतिक्रमण था.
वहीं, कोर्ट के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी ने सुखपाल सिंह खैरा पर पलटवार किया है. आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता बलतेज पन्नू ने कहा कि सुखपाल सिंह लगातार इस तरह की बयानबाजी करते रहते हैं और विवादित बयान देते रहते हैं. उनके सभी बयानों और आरोपों का जवाब कोर्ट ने दे दिया है.
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एएमटी/एबीएम