मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में बड़ी प्रगति

नई दिल्ली, 20 मई . गुजरात के भरूच जिले में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत एक महत्वपूर्ण स्टील ब्रिज का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा हो गया. त्रालसी गांव के पास भारतीय रेलवे ट्रैक पर बनाए जा रहे 330 मीटर लंबे स्टील ब्रिज का 130 मीटर लंबा स्पैन 16 मई को लॉन्च कर दिया गया. अब इस ब्रिज का कुल 230 मीटर हिस्सा तैयार हो चुका है.

यह ब्रिज वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के सूरत-वडोदरा सेक्शन के बीच से गुजरता है. यह तीन स्पैन वाला ब्रिज है, जिसमें 100 मीटर प्लस 130 मीटर का सतत (कंटीन्यूअस) विस्तार और 100 मीटर का सिम्पली सपोर्टेड विस्तार शामिल है. 130 मीटर लंबे विस्तार का वजन करीब 2,900 मीट्रिक टन है. इसे जमीन से लगभग 14 मीटर ऊंचाई पर अस्थायी ट्रेस्टलों पर तैयार किया गया और दो सेमी-ऑटोमैटिक जैक्स की मदद से आगे बढ़ाकर लगाया गया.

इससे पहले मार्च 2026 में 100 मीटर लंबे सिम्पली सपोर्टेड विस्तार (वजन 1,500 मीट्रिक टन) को निर्माण स्थल पर ही इन-सीटू तरीके से स्थापित किया जा चुका था. बाकी बचा 100 मीटर का सतत विस्तार (लगभग 1,600 मीट्रिक टन) भी जल्द ही स्थापित कर दिया जाएगा. तीनों विस्तार पूरे होने पर इस ब्रिज का कुल वजन करीब 6,100 मीट्रिक टन होगा. ब्रिज की चौड़ाई 15.5 मीटर और ऊंचाई करीब 18 मीटर है.

इस स्टील ब्रिज को गुजरात के उमरगांव स्थित कारखाने में बनाया गया है. इसे 100 साल की लंबी उम्र को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है. निर्माण में 1,21,373 हाई-स्ट्रेंथ बोल्ट्स, खास प्रकार की पेंटिंग और मेटैलिक बेयरिंग का इस्तेमाल किया गया है.

फ्रेट ट्रेन की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था को बेहद सावधानी से संचालित किया गया, जिससे मालगाड़ियों की आवाजाही में न्यूनतम बाधा हुई.

अभी तक गुजरात में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए बनाए जा रहे 17 स्टील ब्रिज में से 14 पूरे हो चुके हैं. पूरे मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के लिए कुल 28 स्टील ब्रिज बनाने की योजना है. इस तरह की उपलब्धियां परियोजना को समय पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

एसएचके/डीकेपी