बिहार: बकाया भुगतान के एवज में रिश्वत मांगना पड़ा महंगा, पंचायत सचिव घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

पटना, 5 अगस्त . बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पश्चिम चंपारण जिले में 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एक पंचायत सचिव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. पंचायत सचिव पर विकास कार्य के भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है.

ब्यूरो की टीम ने पूर्व सत्यापन के बाद ट्रैप की कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, निगरानी थाना कांड संख्या-092/26, दिनांक 31 जुलाई 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. इस मामले में पंचायत डुमरिया, प्रखंड-नरकटियागंज, जिला-पश्चिम चंपारण के पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया.

ब्यूरो के अनुसार, शिकायतकर्ता परवेज कौसर ने आरोप लगाया था कि उनकी फर्म रेटिक्स एंटरप्राइजेज द्वारा कराए गए नल-जल मरम्मत कार्य के बकाया भुगतान के लिए पंचायत सचिव रिश्वत की मांग कर रहे थे. शिकायत मिलने के बाद निगरानी ब्यूरो ने आरोपों का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक कृपाल चंद्र जायसवाल के नेतृत्व में धावादल का गठन किया गया.

टीम ने बुधवार को नरकटियागंज प्रखंड के मलदहिया मदरसा में चल रहे सहयोग शिविर कैंप में जाल बिछाकर आरोपी को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. निगरानी ब्यूरो ने बताया कि गिरफ्तार पंचायत सचिव से पूछताछ की जा रही है. इसके बाद उसे विशेष निगरानी न्यायालय, मुजफ्फरपुर में पेश किया जाएगा. मामले में आगे की अनुसंधानात्मक कार्रवाई जारी है.

ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध यह 92वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है. वहीं, ट्रैप से संबंधित यह 85वां मामला है. इन मामलों में अब तक कुल 87 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है तथा 31,66,800 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज किए गए थे, जिनमें 37,80,300 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई थी. ब्यूरो ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी.

एमएनपी/डीएससी