जनता के सवालों का जवाब नहीं, इसलिए विवाद पैदा कर रही बिहार सरकार: आरजेडी

पटना, 5 जून . राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की सुरक्षा में कथित कटौती को लेकर चिंता जताई और सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी की सरकार के पास न तो पैसा है और न ही वो काम कर सकती है, इसलिए वो कभी आवास को लेकर राजनीति करती है तो कभी सुरक्षा घटाकर राजनीति करने की कोशिश कर रही है.

शक्ति सिंह यादव ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी से बातचीत के दौरान कहा कि जिस तरह राबड़ी आवास खाली कराने के निर्देश दिए गए और अब सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किए जा रहे हैं, वह चिंताजनक है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के फैसले ले रही है. उनके मुताबिक, सरकार के पास जनता से जुड़े सवालों का जवाब नहीं है, इसलिए वह विवाद पैदा करने का काम कर रही है.

उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं और लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहे हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए. शक्ति सिंह यादव ने कहा कि सुरक्षा का मुद्दा राजनीति से ऊपर होना चाहिए और इसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए.

वहीं, खान सर और रौशन आनंद से जुड़े विवाद पर शक्ति सिंह यादव ने कहा कि वह किसी व्यक्ति विशेष के पक्ष या विपक्ष में नहीं हैं, लेकिन कानून के दायरे में जो भी मामला आता है, उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि कोचिंग चलाने वाले शिक्षक बच्चों को शिक्षा देते हैं और यह एक अच्छा काम है, लेकिन अगर किसी मामले को लेकर विवाद खड़ा हुआ है तो सरकार और पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो वह किसी के खिलाफ हैं और न ही किसी के समर्थन में, बल्कि सिर्फ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

इस दौरान शक्ति सिंह यादव ने प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह एक बड़ा राजनीतिक रिकॉर्ड है. हालांकि, उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए.

राजद नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय तक देश का नेतृत्व करने वाले नेताओं में शामिल हो गए हैं, लेकिन देश की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं. उनका आरोप है कि आने वाले समय में आर्थिक चुनौतियां और बढ़ सकती हैं, जिसका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा.

पीआईएम/डीकेपी