
भुवनेश्वर, 12 जुलाई . विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने रविवार को ओडिशा में भाजपा सरकार पर मिशन शक्ति की विरासत को मिटाने का ‘व्यर्थ प्रयास’ करने का आरोप लगाया. मिशन शक्ति, पिछली बीजद सरकार के कार्यकाल में शुरू किया गया एक प्रमुख महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम था. सरकार ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तस्वीर और जानकारी को आधिकारिक वेबसाइट से हटाकर यह प्रयास किया है.
बीजद मुख्यालय, शंख भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, ओडिशा विधानसभा की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक, राज्यसभा सांसद सुलता देव, पूर्व मंत्री तुकुनी साहू और ओडिशा राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष लोपामुद्रा बक्सीपात्रा सहित पार्टी की वरिष्ठ महिला नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कदम सरकार के अपने शासन में विश्वास के बजाय उसकी ‘असुरक्षा’ और ‘हीन भावना’ को दर्शाता है.
नेताओं ने कहा कि मिशन शक्ति पोर्टल से पटनायक की तस्वीर और जानकारी को हटाना इतिहास को फिर से लिखने और इस प्रमुख कार्यक्रम से जुड़ी लाखों महिलाओं के योगदान को कम आंकने का प्रयास है.
क्षेत्रीय पार्टी ने आरोप लगाया कि इतिहास रचने की क्षमता रखने वाली सरकार उसे संरक्षित करती है, जबकि इतिहास रचने में असमर्थ सरकार उसे मिटाने का प्रयास करती है. यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक है कि वर्तमान सरकार इतिहास रचने के बजाय उसे मिटाने के हताश प्रयास कर रही है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मिशन शक्ति कोई पार्टी कार्यक्रम नहीं बल्कि पटनायक के नेतृत्व में महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं के प्रयासों से निर्मित एक जन आंदोलन था. उन्होंने कहा कि इस इतिहास को मिटाने का कोई भी प्रयास ओडिशा की महिलाओं के योगदान की अवहेलना के समान है. बीजद ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचित सरकार एक संवैधानिक संस्था है और उसका कार्य राज्य के संस्थागत इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
नेताओं ने आगे कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ओडिशा के लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित मुख्यमंत्री थे और मिशन शक्ति उनकी सरकार की महत्वपूर्ण पहलों में से एक थी.
बीजद नेताओं ने तर्क दिया कि सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन शासन की निरंतरता बनी रहती है. उन्होंने कहा कि सरकारी विभाग और आधिकारिक मंच किसी भी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं, वे ओडिशा की जनता के हैं.
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एमएस/