
लखनऊ, 4 अगस्त . उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायकों ने जमकर हंगामा किया. कई बार सदन की कार्रवाई बाधित हुई, हालांकि जब सदन को मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे, तब सपा विधायक सचिन यादव ने सीएम योगी को लेकर तख्ती दिखाई. इसके बाद स्पीकर ने सपा विधायक को निलंबित कर दिया. इस पर तमाम नेताओं की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है. जनता से जुड़े मुद्दों पर वह चर्चा के लिए तैयार नहीं है. उनके पास एक अवसर था कि वे जनता के मुद्दों पर चर्चा करें, लेकिन वे ऐसा नहीं कर रहे हैं. इससे स्पष्ट होता है कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं है. वे जानबूझकर व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं और इस मौके को भी खो रहे हैं.
से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी राम के अस्तित्व को नकारती रही है. रामसेतु को हम लोग श्रीलंका पर भगवान राम की विजय के प्रतीक के तौर पर मानते हैं. उसे ही कांग्रेस मिटाना चाहती थी. कांग्रेस नहीं चाहती है कि भारत का मान, सम्मान और स्वाभिमान बना रहे. समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर में सहयोग नहीं किया और न ही उनके नेता दर्शन करने के लिए गए, बल्कि उन्होंने राम भक्तों पर गोली चलवाकर सरयू नदी को लाल कर दिया था. सपा के नेता कहते हैं कि वह राम मंदिर था ही नहीं और ये लोग चंदे का हिसाब मांग रहे हैं.
वहीं, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि सदन में विपक्ष का गैरजिम्मेदाराना आचरण देखने को मिला. वह सवालों से भागते दिखाई दिए. सदन चर्चा के लिए होता है. आप सवाल पूछते हो, सरकार का काम है जवाब देना और आप इसी से भाग रहे हैं. हर बात पर भागना और सरकार पर आरोप लगाना ही विपक्ष का काम रह गया है. सदन को चलाने में जनता का पैसा लगता है और इसका अपमान विपक्ष कर रहा है.
भाजपा विधायक राकेश चौधरी ने कहा कि सपा का इतिहास रहा है गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार करने का. सदन चर्चा के लिए होता है, जहां बहस होनी चाहिए, लेकिन ये सवाल उठाने की जगह गुंडागर्दी कर रहे हैं. ऐसा लग रहा था कि वे हमला कर देंगे.
उन्होंने कहा कि सदन के नेता सीएम योगी बोलने के लिए खड़े हुए तो वे अपराधियों की तरह व्यवहार करने लगे. ये लोग आगे फिर कभी चुनकर आने वाले नहीं हैं.
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एएमटी/वीसी