बंगाल में भाजपा सरकार तय, नए युग की होगी शुरूआत : प्रतुल शाहदेव

रांची, 27 अप्रैल . पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा नेता प्रतुल शाहदेव ने दावा किया है कि बंगाल की जनता भाजपा के साथ है. 4 मई को बंगाल में भाजपा की सरकार आएगी और नए युग की शुरूआत होगी.

रांची में से बातचीत में भाजपा नेता ने पार्टी के ग्रोथ पर कहा कि जिस तरह से हमने पश्चिम बंगाल में अपनी पैठ बनाई है, वह सचमुच काबिले-तारीफ है. 2011 में, हमारे पास शून्य सीटें थीं, हम एक भी सीट जीतने में नाकाम रहे थे. 2016 में हमारी सीटों की संख्या बढ़कर तीन हो गई. 2021 में हमने 70 सीटों का आंकड़ा पार कर लिया. 2026 में लगातार आगे बढ़ते हुए, हम पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने की कगार पर हैं और हम सरकार बनाएंगे.

उन्होंने बंगाल में पूर्व की सरकारों पर तंज कसते हुए कहा कि पहले 25 साल कांग्रेस का राज रहा, उसके बाद 20 साल कम्युनिस्टों का आतंक, और फिर 15 साल दीदी का निर्मम शासन. इन सरकारों में हिन्दुओं को टारगेट किया गया. टीएमसी के गुंडों के सामने पुलिस कांपती थी. लेकिन, अब बहुत कम समय रह गया है, अब बंगाल में नए युग की शुरुआत होने जा रही है.

सीएम ममता बनर्जी के बयान पर भाजपा नेता ने कहा कि सीएम डिटेंशन सेंटर को लेकर अफवाह फैला रही हैं. लेकिन, उन्हें यह बात समझनी होगी कि बंगाल में एनआरसी लागू होगा.

उन्होंने मजाकिए अंदाज में कहा कि मुझे लगता है कि 4 मई के बाद ममता बनर्जी अपने काले इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह जाएंगी. ममता बनर्जी भले ही कितनी भी कोशिश करें, बंगाल की जनता अब भाजपा के साथ है. अगली सरकार भाजपा की होगी और हर तरफ विकास सुनिश्चित किया जाएगा.

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस जिन राज्यों में सरकार बनाती है, वहां उनकी पार्टी के भीतर ही लड़ाई होने लगती है, जिसकी वजह से विकास रूक जाता है. कर्नाटक की कांग्रेस सरकार में भी बुरा हाल है. विकास को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है.

भाजपा नेता किरीट सोमैया के आरोपों पर प्रतुल शाहदेव ने कहा कि मुंबई से आ रही रिपोर्ट परेशान करने वाली हैं. आरोप लगाया जा रहा है कि मुसलमानों के एक खास समूह ने मुंबई के स्कूलों पर कब्ज़ा कर लिया है. हमने ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ की रिपोर्टें भी सुनी हैं, जिसमें हिंदू लड़कियों को प्रमोशन और नौकरी के बदले धर्म बदलने के लिए मजबूर किया गया और उनका शारीरिक शोषण भी किया गया. यह एक बहुत खतरनाक चलन है. जब आप स्कूलों का दुरुपयोग करके धर्म परिवर्तन का दबाव बनाएंगे तो कानून का डंडा चलेगा. स्कूलों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए.

डीकेएम/एबीएम