
रांची, 29 अगस्त . कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने सीनियर लीडर सोनिया गांधी की किताब को लेकर कहा कि उनके व्यक्तित्व के सामने आने से भाजपा में घबराहट है. भाजपा उनकी किताब को दबाने का प्रयास कर रही है. सोनिया गांधी ने पति और सास को खोने के बाद भी देश सेवा की और कभी पद का लाभ नहीं लिया.
उन्होंने कहा, “सोनिया गांधी का व्यक्तित्व पुस्तक के माध्यम से बाहर आने को है, तो भारतीय जनता पार्टी में एक घबराहट सी पैदा हो गई है. सोनिया गांधी ने इस देश में पति राजीव गांधी और सास इंदिरा गांधी को खोया. इसके बाद भी वो यहां के लोगों की सेवा में लगी रही. उन्हें कई मौके मिले, लेकिन उन्होंने सिर्फ हमारा मार्गदर्शन किया, ना कि किसी राजनीतिक पद का लाभ उठाने की कोशिश की. उन्होंने जिस मजबूती से लड़ाई लड़ी, उसे आज भी भाजपा के लोग भूल नहीं पाते हैं.”
उन्होंने आगे कहा कि दस सालों तक हमारी सरकार रही. जो चाहते हैं कि सोनिया गांधी का व्यक्तित्व लोगों के सामने पुस्तक के जरिए नहीं आ पाए, इसके लिए वो किताब को दबाने का प्रयास कर रहे हैं. हम समझते हैं कि प्रकाशक की कमी नहीं है, बहुत जल्द उनकी किताब बाहर आएगी.
नेपाल में आई त्रासदी को लेकर उन्होंने कहा, “बहुत ही दुखद खबर है. नेपाल सिर्फ हमारा पड़ोसी देश नहीं, बल्कि दोस्त के रूप में जाना जाता है. विपदा की घड़ी में हम सब साथ खड़े हैं. जिस तरह की विपदा आई है, केंद्र सरकार को नेपाल सरकार के साथ खड़े होना चाहिए. प्रधानमंत्री उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान का दौरा कर रहे हैं, उन्हें नेपाल का दौरा करना चाहिए था. जब मणिपुर की घटना होती है, तो वो बिहार का दौरा करते हैं. हमें नेपाल के साथ खड़ा होने की जरूरत है और हम सब संकट में उनके साथ हैं.”
‘वंदे मातरम’ विवाद पर राजेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा में कोई भी ऐसा नेता नहीं है, जो पूरा वंदे मातरम गा सके. ये लोग कभी वंदे मातरम नहीं गाते थे, ये अपने मुख्यालय पर तिरंगा झंडा नहीं लगाते थे. अब नए-नए ज्ञानी बने हैं. ये सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए इस तरह की चीजें करते हैं. छंद दो गाएं, चार या आठ गाएं, उसमें उनका दूर-दूर तक कोई योगदान नहीं है. अंग्रेजों के साथ खड़े होने वाले लोग आज वंदे मातरम की बात कर रहे हैं. डिबेट शो में जब भाजपा नेताओं से वंदे मातरम गाने के लिए कह दिया जाता है तो वो चिल्लाने लगते हैं.
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केके/एबीएम