
नई दिल्ली, 13 सितंबर . भारत में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.
हुगली में भाजपा विधायक दिलीप सिंह ने ब्रिक्स सम्मेलन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे को भारत और चीन के लिए महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया के कई देश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं और कई हिस्सों में युद्ध की स्थिति बनी हुई है. ऐसे वैश्विक तनाव के बीच करीब सात साल बाद शी जिनपिंग का भारत आना दोनों देशों के संबंधों के लिए सकारात्मक संकेत है. इस दौरे से भारत और चीन के बीच भविष्य में मित्रता और बेहतर संबंधों की दिशा में एक रास्ता खुलने की उम्मीद है.
दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर कहा कि भारत सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों का स्वागत करता है. ब्रिक्स के 20 वर्ष पूरे होना संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है. दो दशक का यह सफर ब्रिक्स के अधिक परिपक्व और जिम्मेदार संगठन के रूप में आगे बढ़ने को दर्शाता है. सम्मेलन में शामिल देशों के बीच संवाद और सहयोग की संभावनाएं वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण हैं.
जम्मू में जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने ब्रिक्स सम्मेलन को बदलती वैश्विक शक्ति-संरचना से जोड़कर देखा. उन्होंने कहा कि दुनिया अब पहले की तरह एकध्रुवीय नहीं रही है. वैद ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक साथ मौजूदगी को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण तस्वीर बताया. पूर्व डीजीपी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियां इस बात का संकेत देती हैं कि वैश्विक व्यवस्था में बदलाव आया है. उन्होंने इसे दुनिया में उभरती बहुध्रुवीय व्यवस्था के संदर्भ में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया.
मुंबई में भाजपा विधायक राम कदम ने ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्राध्यक्ष हिस्सा ले रहे हैं. कदम ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के महत्व पर सवाल उठाने के बजाय भारत की मेजबानी और इससे मिलने वाले अवसरों को समझना चाहिए.
मुंबई में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि पहलगाम में निर्दोषों की हत्या की घटना पूरी तरह निंदनीय थी और उनकी पार्टी ने भी इसकी निंदा की थी. उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई की थी. इस कार्रवाई में आतंकवादी ठिकानों और सुविधाओं को निशाना बनाया गया.
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पीएसके/एबीएम