
श्रीनगर, 30 सितंबर . जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर और पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा के मारे जाने पर सियासी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं. भाजपा विधायक सुनील भारद्वाज ने इस एनकाउंटर को प्रधानमंत्री मोदी के ‘आतंकवाद मुक्त और विकसित जम्मू-कश्मीर’ के संकल्प की बड़ी जीत बताया. वहीं, विपक्षी विधायकों ने भी माना कि घाटी के हालात पिछले 10 साल में बदले हैं और आतंक की फंडिंग व सपोर्ट सिस्टम कमजोर हुआ है. साथ ही उन्होंने युवाओं को बेवजह उठाने की पुरानी मानसिकता पर सवाल भी उठाए.
लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर हाशिम मूसा के सिक्योरिटी फोर्स के साथ एनकाउंटर में मारे जाने पर भाजपा विधायक सुनील भारद्वाज ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि वे एक विकसित भारत की ओर बढ़ते हुए जम्मू-कश्मीर को विकसित बनाएंगे. जम्मू-कश्मीर को विकसित बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि वह शांतिपूर्ण रहे और आतंकवाद से मुक्त रहे. हमारे गृहमंत्री भी कहते हैं कि आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस होनी चाहिए.”
इंडिया ब्लॉक की मीटिंग पर भाजपा विधायक सुनील भारद्वाज ने कहा कि मैंने पॉइंट्स पढ़े हैं. असल में इंडिया ब्लॉक पिछले कई सालों से लगातार भारतीय जनता पार्टी को हराने के तरीके ढूंढ रहा है. जब वे कहीं चुनाव जीतते हैं तो कहते हैं कि चुनाव पारदर्शी तरीके से हुए थे. लेकिन जब भारतीय जनता पार्टी भारी बहुमत से जीतती है, जैसा कि पश्चिम बंगाल में हुआ, तो वे कहते हैं कि वोट चोरी हुई है या वोटिंग बैलेट पेपर से होनी चाहिए.
असेंबली में हंगामे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक मुबारक गुल ने कहा कि ऐसा होता है, शोर और रुकावट होती है, लेकिन यह फायदेमंद है. सत्र फायदेमंद होगा, क्योंकि इससे अकाउंटेबिलिटी आती है. उदाहरण के लिए, यहां पांच सवाल लिए गए, जबकि लिस्ट में 25 थे. सरकार को सभी 25 पर कार्रवाई करनी थी. उसने बारामूला, कुपवाड़ा, कुलगाम, श्रीनगर और जम्मू के डिप्टी कमिश्नरों के साथ-साथ चीफ इंजीनियर और संबंधित सवालों से जुड़े दूसरे लोगों को लिखा.
हाशिम मूसा के खात्मे को लेकर उन्होंने कहा कि हम पहले भी ऐसा करते रहे हैं. उस वक्त ज्यादा उग्रवादी थे, ज्यादा पकड़े जाते थे. आज हालात बदल गए हैं. आतंकवाद के खिलाफ दुनिया जागी. अमेरिका में जो हमले हुए, उनकी पूरी दुनिया ने आलोचना की. इसके बाद आतंकियों का फंड कम हो गया, सोर्स कम हो गए. यहां भी बदलाव आया है. राजनीतिक मुद्दे अपनी जगह हैं और विकास अपनी जगह है.
सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की विपक्ष की मांग पर निर्दलीय विधायक शब्बीर अहमद कुल्ले ने कहा, “यह चर्चा लंबे समय से चल रही है, और हमें इसकी जानकारी है. इस मामले पर Supreme Court में भी चर्चा हो रही है, जहां कार्रवाई चल रही है. चाहे यह सही हो या गलत, जिस तरह के नाम हटाए गए हैं, उनका कानून के तहत कोई कानूनी अधिकार क्षेत्र नहीं है.”
वहीं, लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर के खिलाफ भारतीय सेना की कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि अगर हम 10 साल पहले की कश्मीर की बात करेंगे तो बदलाव हुआ है. जब युवा और समाज बदलते हैं तभी हालात बदलते हैं. युवा भी बदल गया, समाज भी बदल गया, लेकिन सरकार अभी तक नहीं बदली है. उनकी मानसिकता अभी भी पुरानी है. कहीं भी कोई वारदात होता है चाहे पहलगाम हो या कोई अन्य जगह, तो पूरे कश्मीर के लोगों और नौजवानों को 10-15 दिनों के लिए उठाया जाता है.
निर्दलीय विधायक शब्बीर अहमद कुल्ले ने आगे कहा कि पड़ोसी मुल्क की कोशिश रही है कि किसी न किसी तरह से कश्मीर को अस्थिर कर दें. वह ये कोशिश आगे भी करता रहेगा, लेकिन हमें अपने देश और घर को ठीक रखना है. अगर हम अपने घर को ठीक रखेंगे, तो कोई बाहर वाला हमें नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा.
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केके/डीकेपी