सपा पर भाजपा सांसद भोला सिंह का तंज, ‘दलित समाज को आकर्षित करने के लिए बदला छात्र इकाई के ड्रेस का रंग’

बुलंदशहर, 8 सितंबर . समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई के ड्रेस का रंग नीला किए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है. भाजपा सांसद भोला सिंह ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही पार्टी अपने राजनीतिक समीकरणों के अनुसार रंग, रूप और परिभाषाएं बदलने में जुट गई है.

से बातचीत में भोला सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी कभी पीडीए की अलग परिभाषा देती है तो कभी पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक और कभी पंडित-दलित-अल्पसंख्यक की बात करती है. अब छात्र सभा की टी-शर्ट का रंग नीला करने के फैसले के जरिए वह दलित समाज को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अपने शासनकाल के दौरान दलितों के हितों की रक्षा करने में विफल रही थी. डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने, दलितों पर अत्याचार और उनकी जमीनों पर कब्जे जैसी घटनाएं उसी दौर में सामने आई थीं. उन्होंने दावा किया कि दलित समाज इन घटनाओं को भूला नहीं है.

भोला सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी पिछड़ों की राजनीति करने का दावा करती है, लेकिन जब उसकी सरकार थी तब उत्तर प्रदेश की 79 ओबीसी जातियों में से अधिकांश को पर्याप्त अवसर नहीं मिले. उन्होंने आरोप लगाया कि एक विशेष वर्ग को छोड़कर अन्य पिछड़ी जातियों को अपेक्षित लाभ नहीं दिया गया. पिछले साढ़े नौ वर्षों में भाजपा सरकार ने विकास, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम किया है. आगामी चुनावों में जनता विकास और गरीब कल्याण के मुद्दों पर मतदान करेगी और भाजपा-एनडीए को समर्थन देगी.

सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर द्वारा समाजवादी पार्टी को “टोपी का रंग भी बदलने” की सलाह दिए जाने पर भोला सिंह ने कहा कि संभव है कि चुनाव नजदीक आने के साथ पार्टी अपने राजनीतिक संदेश के लिए और बदलाव करे. उन्होंने इसे राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया.

दिल्ली में इमारत गिरने की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद ने इसे बेहद दुखद बताया. उन्होंने कहा कि सात बच्चों की मौत अत्यंत पीड़ादायक है और उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. सरकार ने मामले में तेजी से कार्रवाई की है और इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कोई भी सजा उन बच्चों की जान वापस नहीं ला सकती.

राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए भोला सिंह ने कहा कि विपक्ष को ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति करने से बचना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन राज्यों में कांग्रेस या उसके सहयोगियों की सरकारें हैं, वहां की समस्याओं पर उतनी सक्रियता क्यों नहीं दिखाई जाती? दुर्घटनाओं और मानवीय त्रासदियों को राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय सभी दलों को पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना चाहिए और संवेदनशीलता का परिचय देना चाहिए.

एएमटी/एबीएम