
नई दिल्ली, 12 अगस्त . संसद के मानसून सत्र में बुधवार को झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा सांसदों ने कांग्रेस और राज्य सरकार पर निशाना साधा. भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने आरोप लगाया कि झारखंड में परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ियां हुई हैं. राज्य सरकार छात्रों पर ध्यान नहीं दे रही है.
भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि झारखंड में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया और उनकी उम्मीदों को कुचला गया, जिसके कारण छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं. जो लोग अन्य मुद्दों पर इतना शोर करते हैं, वे झारखंड के छात्रों के प्रति सहानुभूति क्यों नहीं दिखा रहे हैं.
संसद में जारी गतिरोध को लेकर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि झारखंड की घटनाओं पर विपक्ष की चुप्पी सवाल खड़े करती है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अब सदन में जवाब देने के लिए तैयार हैं, फिर भी सदन की कार्यवाही बाधित की जा रही है. पाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है और राजनीतिक कारणों से संसद नहीं चलने दे रहा है.
भाजपा सांसद आदित्य साहू ने भी झारखंड सरकार और कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि झारखंड में सरकार कांग्रेस के समर्थन से चल रही है और कांग्रेस दिल्ली में अलग तथा झारखंड में अलग रुख अपनाती है. जनता अब कांग्रेस के इस कथित दोहरे रवैये को समझ रही है.
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने भी विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पहले चर्चा की मांग की गई, फिर गृह मंत्री के वक्तव्य की मांग सामने आई और इसके बाद नया मुद्दा उठाया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार अपनी मांगें बदल रहा है और उसका उद्देश्य संसद की कार्यवाही को बाधित करना है. शर्मा ने कहा कि विपक्ष के पास विकास और देश की सुरक्षा से जुड़े ठोस मुद्दे नहीं हैं.
इसी दौरान दिनेश शर्मा ने झारखंड के मुद्दे की तुलना परीक्षा में कथित अनियमितताओं से करते हुए कहा कि कुछ मामलों में परीक्षा रद्द कर दोबारा पारदर्शी परीक्षा कराई गई जबकि झारखंड मामले में कार्रवाई को लेकर सवाल बने हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वहां परीक्षा रद्द करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए.
वहीं, भाजपा सांसद सतनाम सिंह संधू ने शून्यकाल में महाराजा रणजीत सिंह की विरासत के संरक्षण का मुद्दा उठाया. उन्होंने रोपड़ में सतलुज नदी के किनारे महाराजा रणजीत सिंह और तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक के बीच हुई संधि का उल्लेख करते हुए इसे भारत के कूटनीतिक इतिहास की महत्वपूर्ण घटना बताया. संधू ने महाराजा रणजीत सिंह की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
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एसएके/पीएम