
नई दिल्ली, 26 जुलाई . एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के युवा पीएम वाले बयान पर राजनीति के गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. सत्ता पक्ष ने ओवैसी को नसीहत दी है कि जितना काम पीएम मोदी करते हैं, उतना ओवैसी के बस की बात भी नहीं है. वहीं, विपक्ष ने कहा कि हर व्यक्ति का अधिकार है कि वह अपनी इच्छा व्यक्त कर सकता है.
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने ओवैसी के बयान पर कहा कि अब उनकी उम्र हो चुकी है. उन्हें तो यह कहना चाहिए कि हमारे प्रधानमंत्री कितना काम करते हैं, मैं तो उसका चौथाई भी नहीं कर पाता हूं. किसी भी व्यक्ति की क्षमता, योग्यता, अनुभव और भारत के प्रति समर्पण ही एक प्रशासक के सबसे बड़े गुण होते हैं. इन सभी गुणों में हमारे प्रधानमंत्री सर्वोपरि हैं.
यूपी सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार संभाला है, उन्होंने एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है. देश का विकास तेज करने और भारत को विश्व गुरु बनाने का उनका जो सपना है, वह पूरा हो रहा है. आज हम सभी को दुनिया के सबसे पॉपुलर प्रधानमंत्री का साथ पाकर गर्व महसूस हो रहा है. पीएम मोदी ने देश के अंदर और बाहर, दोनों जगह लगातार देश का सम्मान और इज्जत बढ़ाने का काम किया है.
मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और अटल बिहारी वाजपेयी ने एक मुसलमान, डॉ. एपीजे. अब्दुल कलाम को देश का राष्ट्रपति बनाया और हमें उस पर कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन जो लोग देश विरोधी बयान देते हैं और अलगाववाद की बात करते हैं, उन्हें भारतीय जनता पार्टी कभी माफ नहीं करेगी.
ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी आज मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन हैं. जानते हैं क्यों? आजादी के बाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, हुसैन अहमद मदनी और दूसरे जाने-माने इस्लामिक जानकारों और नेताओं ने मुस्लिम लीग को इसलिए नहीं माना, क्योंकि उनका मानना था कि भारत में कोई भी पॉलिटिकल पार्टी सिर्फ मुसलमानों के नाम पर कामयाब नहीं हो सकती. अगर सारे मुसलमान एक हो भी जाएं, तो भी हम न तो चीफ मिनिस्टर बन सकते हैं और न ही प्राइम मिनिस्टर. यहां सिर्फ वही पार्टी कामयाब हो सकती है जो सबको साथ लेकर चले. इसीलिए नेहरू से लेकर अखिलेश यादव तक, हमने हिंदुओं को अपना लीडर माना है.
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी ने युवा प्रधानमंत्री की इच्छा जताई है. निश्चित रूप से, हर व्यक्ति को अपनी इच्छाओं के अनुसार काम करने का अधिकार है. यही हमारे देश के लोकतांत्रिक सिस्टम का सार है.
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डीकेएम/वीसी