कर्नाटक में पोर्टफोलियो बंटवारे में देरी को लेकर भाजपा का कांग्रेस पर तंज, डीके शिवकुमार को बताया ‘रबर स्टैम्प सीएम’

बेंगलुरु, 6 अगस्त . कर्नाटक में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में देरी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. भाजपा का आरोप है कि राज्य सरकार दिल्ली में बैठे कांग्रेस हाईकमान के रिमोट कंट्रोल से चल रही है.

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने गुरुवार को कहा कि नए मंत्रियों के शपथ लेने के तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें विभाग नहीं दिए गए हैं.

आर. अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर तंज कसते हुए पूछा, “क्या आप विभागों के बंटवारे के लिए कांग्रेस हाईकमान के आदेश का इंतजार कर रहे हैं? या फिर ‘तय भुगतान’ अभी खाते में नहीं आया है इसलिए देरी हो रही है?”

उन्होंने कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी और एआईसीसी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला पर भी निशाना साधा. आर. अशोक ने कहा कि सुरजेवाला नाराज विधायकों को मनाने के लिए उनके घर-घर जा रहे हैं और ‘पैचवर्क’ कर सरकार को बचाने में लगे हैं.

उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “क्या अब सुरजेवाला को हर सरकारी फाइल पास कराने के लिए बेंगलुरु आना पड़ेगा? क्या विधानसौध में उनके लिए कमरा बुक कर दिया गया है? क्या अब सारी फाइलें स्पीड पोस्ट से दिल्ली भेजी जाएंगी?” इसी के साथ उन्होंने शिवकुमार को ‘रबर स्टांप मुख्यमंत्री’ कहा.

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस अब स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रही. दिल्ली से रिमोट के जरिए राज्य चलाया जा रहा है. आर. अशोक ने दावा किया कि कर्नाटक की जनता समझ चुकी है कि असली सरकार बेंगलुरु में नहीं बल्कि दिल्ली में बैठकर चलाई जा रही है.

कैबिनेट विस्तार के बाद कांग्रेस सरकार एक और मोर्चे पर घिरी है. ‘नवेद्दु निल्लादिद्दारे, कर्नाटक’ बैनर तले 30 महिला संगठनों और नारीवादी समूहों ने बुधवार को मुख्यमंत्री शिवकुमार को खुला पत्र लिखा.

पत्र में नए मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को जगह न देने की कड़ी निंदा की गई. संगठनों ने मांग की कि तुरंत महिला मंत्रियों को शामिल कर इस गलती को सुधारा जाए.

वहीं, कांग्रेस ने नाराजगी को शांत करने की कोशिश तेज कर दी है. सीएम शिवकुमार और रणदीप सुरजेवाला खुद नाराज विधायकों से बात कर रहे हैं.

मीडिया से बातचीत में सीएम शिवकुमार ने पार्टी में अंदरूनी कलह की खबरों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि पार्टी एकजुट है और नाराज नेताओं से सकारात्मक माहौल में चर्चा हुई है.

वीकेयू/पीएम