क्षेत्रीय पार्टियों को तोड़ने की कोशिश कर रही भाजपा : पृथ्वीराज चौहान

मुंबई, 17 जून . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चौहान ने ऑपरेशन टाइगर पर अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

पृथ्वीराज चौहान ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शिवेसना (यूबीटी) के 9 सांसदों में से छह सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर पार्टी में नहीं रहने की इच्छा जताई है. ऐसी भी खबरें हैं कि कुछ सांसद एनडीए में शामिल हो सकते हैं. इन चर्चाओं को उस वक्त बल मिला, जब शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों ने बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला लिया, तब यह साफ हो गया था कि आगामी दिनों में सियासी हलचल तेज हो सकती है.

उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि भाजपा क्षेत्रीय पार्टियों को तोड़ने की कोशिश कर रही है. चुनाव में डीएमके को हार का सामना करना पड़ा. तृणमूल कांग्रेस में भी फूट की स्थिति बनी हुई है. इस पार्टी के 20 सांसदों ने दूसरे दल का हाथ थाम लिया है. इससे यह साफ जाहिर होता है कि भाजपा पूरे देश से विपक्षी पार्टियों को खत्म करना चाहती है, ताकि उनके खिलाफ आवाज उठाने वाला कोई न रहे. जैसे अमित शाह कहते हैं कि मुझे कांग्रेस को पूरी तरह से खत्म करना है. ये लोग कांग्रेस को खत्म नहीं कर पाएंगे, इसलिए इंडिया गठबंधन से जुड़े दलों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, अब ये लोग कांग्रेस को भी खत्म करने के लिए अपने कदम आगे बढ़ा चुके हैं, लेकिन इन लोगों से कांग्रेस का कुछ भी होने वाला नहीं है.

पृथ्वीराज चौहान ने कहा कि ये लोग साजिशन लोकतंत्र को खत्म करके फासीवाद को स्थापित करने की दिशा में अपने कदम आगे बढ़ा चुके हैं. हमारे पूर्वजों ने जिस तरह से लोकतंत्र को स्थापित करने के लिए अपने कदम आगे बढ़ाए हैं, अब लोगों को याद करने का सही समय आ चुका है. एक बार फिर से जनतंत्र को बचाने के लिए हमें आंदोलन तेज करना होगा. मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि हमारे संविधान के लिए आज का दिन काला है.

साथ ही, उन्होंने पश्चिम बंगाल में चार हजार से अधिक ईवीएम के जलकर खाक होने पर भी प्रतिक्रिया दी. उनके मुताबिक, ईवीएम के जलने से कई तरह के सवाल पैदा होते हैं. इसे जलाकर एक तरह से पूरे प्रमाण को ही खत्म करने की कोशिश की गई है. टीएमसी और भाजपा के बीच थोड़ा बहुत अंतर है.

वहीं, उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के अंतर्गत पात्र मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है. इसी को देखते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एसाईआर के खिलाफ मोर्चा खोला है.

एसएचके/डीकेपी