
अगरतला, 9 अगस्त . सत्तारूढ़ भाजपा त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) के तहत होने वाले महत्वपूर्ण ग्राम समिति (विलेज कमेटी) चुनावों को संयुक्त रूप से लड़ने के लिए अपने आदिवासी सहयोगी दलों टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के साथ नई बातचीत फिर से शुरू करेगी.
भाजपा के एक नेता की ओर से जानकारी दी गई है कि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों के बाद राज्य के नेता टीटीएएडीसी के तहत आने वाली विलेज कमेटियों (जो ग्राम पंचायतों के बराबर हैं) के चुनाव मिलकर लड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं.
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा रविवार शाम नई दिल्ली जाएंगे और केंद्रीय भाजपा नेताओं की मौजूदगी में टीएमपी नेताओं के साथ बैठक करेंगे. यह अहम बैठक रविवार रात या सोमवार को हो सकती है. टीएमपी नेता (जिनमें पार्टी प्रमुख प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा भी शामिल हैं) अभी दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं.
मुख्यमंत्री साहा ने रविवार को पत्रकारों से कहा, “हम अपने केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी में टीएमपी नेताओं से आगामी विलेज कमेटी चुनावों के बारे में बात करेंगे. फिलहाल मैं बैठकों या चुनावों में संभावित संयुक्त मुकाबले के बारे में जानकारी नहीं दे सकता.”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों के मुद्दों, समस्याओं और मांगों पर बातचीत करने के लिए हमेशा तैयार है. उन्होंने कहा, “मैं व्यक्तिगत रूप से भी आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादी नेताओं से बात करने के लिए तैयार हूं. हमारे अधिकारी उनके संपर्क में हैं. हम हमेशा सभी संबंधित लोगों के मुद्दों और समस्याओं को लेकर चिंतित रहते हैं.”
टीटीएएडीसी के तहत 587 विलेज कमेटियों और 20 से ज्यादा शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव इसी साल होने हैं. 12 अप्रैल को हुए टीटीएएडीसी चुनावों में टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) ने शानदार जीत हासिल की और 28 चुनी हुई सीटों में से 24 पर जीत दर्ज की.
भाजपा सिर्फ चार सीटें ही जीत पाई. भाजपा और उसके दो सहयोगी दलों (टीएमपी और आईपीएफटी) ने समझौता न हो पाने के कारण अलग-अलग चुनाव लड़ा था. 2021 से टीएमपी इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परिषद का संचालन कर रही है, जिसे त्रिपुरा में राज्य विधानसभा के बाद दूसरा सबसे महत्वपूर्ण संवैधानिक और राजनीतिक संस्थान माना जाता है.
त्रिपुरा में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “केंद्रीय नेताओं ने राज्य के नेताओं से कहा है कि वे विलेज कमेटी और शहरी स्थानीय निकायों के अहम चुनावों से पहले पार्टी को और सक्रिय करें और संगठन को मजबूत बनाएं.”
उन्होंने बताया कि केंद्रीय नेताओं ने राज्य के नेताओं से पार्टी संगठन के कामकाज और आने वाले विलेज कमेटी व शहरी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले उसकी स्थिति के बारे में भी फीडबैक लिया.
राष्ट्रीय राजधानी में 6 अगस्त को हुई बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष, भाजपा के नॉर्थ-ईस्ट कोऑर्डिनेटर संबित पात्रा और त्रिपुरा के लिए पार्टी के ऑब्जर्वर राजदीप रॉय (जो सिलचर से मौजूदा विधायक और दक्षिणी असम से पूर्व लोकसभा सदस्य हैं) शामिल हुए थे. पार्टी मुख्यालय में हुई इन बैठकों में त्रिपुरा से भाजपा के कुल 14 वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे, जिनमें पार्टी की कोर कमेटी के सभी सदस्य भी शामिल थे.
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एसडी/वीसी