देश विरोधी बयान देने वालों को भाजपा कभी माफ नहीं करेगी: लक्ष्मी नारायण चौधरी

फिरोजाबाद, 26 जुलाई . उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने देश विरोधी बयानबाजी करने वालों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगी, जो देश की एकता और अखंडता के खिलाफ बयान देते हैं. उन्होंने यह प्रतिक्रिया एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के प्रधानमंत्री पद को लेकर दिए गए बयान पर दी.

ओवैसी के इस बयान कि ‘अगला प्रधानमंत्री 80 साल का नहीं, बल्कि युवा होना चाहिए’, पर प्रतिक्रिया देते हुए लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा कि भाजपा ने हमेशा योग्यता और क्षमता को महत्व दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार ने मुस्लिम समुदाय से आने वाले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को देश का राष्ट्रपति बनाया था और पार्टी को इस पर कोई आपत्ति नहीं थी.

उन्होंने कहा, “जो लोग देश के खिलाफ बयान देते हैं या अलगाववाद की बात करते हैं, उनके लिए भाजपा की नीति स्पष्ट है. ऐसे लोगों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. देश की एकता और सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके खिलाफ जाने वालों पर कड़ी प्रतिक्रिया होगी.”

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर लक्ष्मी नारायण चौधरी ने कहा, “मंत्रिपरिषद में बदलाव प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार होता है. किसी भी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री को अपनी टीम में बदलाव करने का पूरा अधिकार होता है और यह एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है.”

इस बीच लखनऊ में केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने भी शिक्षा मंत्रालय में हुए बदलाव पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने प्रह्लाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री बनाए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि वह अनुभवी नेता हैं और उनके पास प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव है.

रामदास आठवले ने कहा, “प्रह्लाद जोशी कर्नाटक से आते हैं और इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं. धर्मेंद्र प्रधान ने विचार-विमर्श के बाद शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया और अब यह जिम्मेदारी प्रह्लाद जोशी को दी गई है. जोशी इस जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभाएंगे.”

आठवले ने भाजपा नेता अपर्णा यादव से मुलाकात को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अपर्णा यादव समाज सेवा के क्षेत्र में अच्छा काम कर रही हैं और उन्होंने कई बार उन्हें आमंत्रित किया था. एनडीए गठबंधन का सहयोगी होने के नाते उन्होंने उनका निमंत्रण स्वीकार किया और उनके आवास पर मुलाकात की.

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