भाजपा 18 सितंबर से शुरू करेगी ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ अभियान, नितिन नवीन करेंगे नेतृत्व

नई दिल्ली, 14 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी 18 सितंबर से एक बड़ा ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ अभियान शुरू करने जा रही है. इस अभियान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और शिवराज सिंह चौहान जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेता पंजाब भर में हिस्सा लेंगे.

नशा मुक्त पंजाब के लिए भाजपा के अभियान को उजागर करने के मकसद से निकाली जा रही यह यात्रा चार दिनों में राज्य के प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगी. इसकी शुरुआत पठानकोट से होगी और समापन बठिंडा में होगा.

पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर को पठानकोट में यात्रा का नेतृत्व करेंगे. 19 सितंबर को यह अभियान फतेहगढ़ साहिब पहुंचेगा, जहां दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शामिल होंगी. 20 सितंबर को यात्रा फाजिल्का पहुंचेगी, जिसमें केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल होंगे.

21 सितंबर को यह बड़ा अभियान बठिंडा पहुंचेगा, जहां केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान हिस्सा लेंगे.

भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मुद्दे पर केंद्रित एक बड़ा जनसंपर्क अभियान साबित हो सकती है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी से अभियान को राजनीतिक गति मिलने और राज्य में नशीली दवाओं की समस्या से निपटने पर पार्टी के जोर को रेखांकित करने की उम्मीद है.

यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब भाजपा पंजाब में अपने संगठन और जन-संपर्क को मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जबकि नशीली दवाओं का दुरुपयोग राज्य की राजनीतिक चर्चा में एक प्रमुख चिंता का विषय बना हुआ है. उम्मीद है कि पार्टी अभियान के दौरान नशा मुक्त पंजाब के लिए अपने विजन को उजागर करेगी और यात्रा के दौरान शामिल जिलों के लोगों से जुड़ेगी.

हाल ही में इस अभियान को लेकर पंजाब में पार्टी के राज्य प्रमुख केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर को पठानकोट जिले के माधोपुर से इस मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. ढिल्लों ने कहा कि यात्रा पंजाब के सामने मौजूद तीन बड़ी चुनौतियों पर फोकस करेगी. इनमें ड्रग्स का बढ़ता खतरा, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और प्रशासन के हर स्तर पर भ्रष्टाचार, चाहे वह तहसील और पुलिस स्टेशन हो या मुख्यमंत्री का कार्यालय, शामिल हैं. यह सिर्फ ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाली यात्रा नहीं है, बल्कि यह उस गंभीर खतरे का सामना करने की कोशिश है जो ड्रग्स से ‘पंजाबियत’; यानी ‘हमारी संस्कृति, मूल्यों, साहस और गुरुओं की धरती की गौरवशाली पहचान’ से जुड़ी है.

डीकेएम/वीसी