पंजाब पीसीएस में धांधली पर भाजपा का हमला, सीबीआई जांच और भगवंत मान के इस्तीफे की मांग

चंडीगढ़, 5 नवंबर . पंजाब पीसीएस परीक्षा में धांधली के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों, वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ और सांसद नरेश बंसल ने चयन प्रक्रिया को संदिग्ध बताते हुए सीबीआई जांच, रिजल्ट फ्रीज करने और मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की है. जाखड़ ने आरोप लगाया कि इसके पीछे अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का दिमाग है.

पंजाब पीसीएस में धांधली को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, “अब बिल्कुल स्पष्ट है कि पब्लिक सर्विस कमीशन में जो धांधली हुई है, वह किसी से छिपी नहीं है. उन्होंने इतनी धांधली करके सीक्वेंस के हिसाब से नंबर देकर चयन किया है. जो लोग चयनित हुए हैं, उनके चयन में गड़बड़ी हुई है. और जो बेचारे रह गए हैं, वे धरना दे रहे हैं. मैं इसकी पूरी निंदा करता हूँ. इसकी तुरंत सीबीआई जांच होनी चाहिए.”

उन्होंने कहा कि भगवान सिंह मान को एक मिनट भी पद पर नहीं रहना चाहिए. मैं फिर कहता हूं, जब ऐसी धांधली पकड़ी जाए, और जिन लोगों ने कल अधिकारी बनना है, उनकी नियुक्ति में ही गड़बड़ी होने लग जाए, तो यह बहुत ही गंभीर बात है.

भाजपा नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि नीट को लेकर जब पेपर लीक की बात चली थी, तब जो लोग सबसे आगे खड़े होकर चिल्ला रहे थे, युवाओं के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त कर रहे थे, आज उन्होंने पंजाब के अंदर हुए इस मामले पर चुप्पी साध ली है. यहां तो पीसीएस परीक्षा की पूरी प्रक्रिया ही हाईजैक कर ली गई है. एक ही लड़ी में, क्रमवार सीरियल नंबर वाले उम्मीदवारों का चयन किया गया है. एक से लेकर दस तक के नंबर वाले उम्मीदवार चयनित किए गए हैं. एक-एक सेंटर से 25 प्रतिशत उम्मीदवारों का चयन हुआ है. कई ऐसे उदाहरण हैं, जहां एक से लेकर दस तक, एक से लेकर पांच तक और एक से लेकर चार तक क्रमवार नंबर वाले उम्मीदवार चयनित किए गए हैं.

उन्होंने कहा कि यह पूरा प्रोसेस संदिग्ध है और मैं समझता हूं कि यह केवल भगवंत मान के बस की बात नहीं है. उनकी तो केवल सहमति और हस्ताक्षर हैं. पूरे सिस्टम को जिस तरह से प्रभावित किया गया है, उसके लिए बड़े शातिर और घाघ दिमाग की जरूरत होती है. पब्लिक सर्विस कमीशन एक संवैधानिक संस्था है, और उसके पूरे सिस्टम को प्रभावित करने का काम अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का है, जो पंजाब के वास्तविक सत्ता संचालक बने हुए हैं.

भाजपा नेता ने कहा कि बच्चों की मांग है कि पूरे रिजल्ट को फ्रीज किया जाए. इंटरव्यू के लिए कॉल न किया जाए और कट-ऑफ मार्क्स और चयन के मानदंड सार्वजनिक किए जाएं. सामान्य रूप से एक पद के लिए तीन उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है, लेकिन यहां भी गड़बड़ी दिखाई दे रही है. सबसे पहले इस प्रक्रिया को रोककर कट-ऑफ मार्क्स और नियमों को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और सार्वजनिक किया जाए, ताकि लोगों को सच्चाई पता चल सके.

उन्होंने कहा कि तीसरी मांग बच्चों की है कि सीबीआई जांच कराई जाए. पार्टी की ओर से हमारी मांग है कि न सिर्फ भगवंत मान इस्तीफा दें, बल्कि यदि अरविंद केजरीवाल या मनीष सिसोदिया में नैतिकता बची है, तो वे भी यहां आकर विरोध प्रदर्शन करें और अपने मुख्यमंत्री के घर के सामने बच्चों के साथ खड़े हों, ताकि पता चले कि यहां कितनी बड़ी अनियमितता हुई है.

भाजपा सांसद नरेश बंसल ने कहा, “निश्चित रूप से पंजाब सरकार एक सच्ची सरकार के रूप में काम नहीं कर रही है, बल्कि कुछ व्यक्तियों के निजी हितों की सेवा करने वाली सरकार के रूप में काम कर रही है. यदि युवाओं के भविष्य के साथ इस तरह खिलवाड़ किया जाता है कि उच्च शिक्षा की परीक्षाओं में नकल या अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं, तो यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है. पंजाब के मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए और इस मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए.”

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केके/एबीएम