‘काला हिरण’ फिल्म का विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के फैसले को अमित जानी ने दी चुनौती

नई दिल्ली, 19 अगस्त . सलमान खान और फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगसी’ के मेकर्स के बीच चल रहा विवाद अब दिल्ली हाईकोर्ट से निकलकर Supreme Court तक पहुंच गया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 जुलाई को फिल्म के टीजर और उससे जुड़े प्रमोशनल कंटेंट को सोशल मीडिया से हटाने का निर्देश दिया था. इस फैसले के बाद फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने Supreme Court का रुख करने की बात कही थी. अब इसी मामले में उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए Supreme Court में याचिका दाखिल की है. मेकर्स का कहना है कि दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश उनकी अभिव्यक्ति की आजादी पर रोक लगाता है.

अमित जानी ने Supreme Court से दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है. उनका पक्ष है कि फिल्म बनाना और किसी सार्वजनिक घटना को अपनी कहानी के नजरिए से दिखाना अभिव्यक्ति की आजादी के दायरे में आता है. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट में भी मेकर्स की ओर से यही दलील दी गई थी कि टीजर में कहीं सीधे तौर पर सलमान खान का नाम नहीं लिया गया है. उनके वकील ने कहा था कि यह केवल एक टीजर है और इसमें किसी तरह का डीपफेक या आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से बनाया गया वीडियो भी इस्तेमाल नहीं किया गया है.

यह पूरा मामला सलमान खान की उस याचिका से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने फिल्म के जरिए अपने नाम, चेहरे और पहचान के कथित इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी. उनका कहना है कि फिल्म उनके 1998 के काला हिरण मामले से जुड़ी घटनाओं पर आधारित है और इसमें उनकी छवि को इस तरह दिखाया गया है, जिससे लोगों के बीच उनके बारे में गलत धारणा बन सकती है.

सलमान ने इसे अपने पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन बताया है. जून 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर फिल्म के मेकर्स को नोटिस भी जारी किया था.

विवाद उस समय और बढ़ गया जब फिल्म का टीजर सामने आया. सलमान की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि टीजर में दिखाए गए किरदार का चेहरा उनसे काफी मिलता-जुलता है. फिल्म में किरदार को सलमान के साथ जोड़ने के लिए ब्रेसलेट जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया है. टीजर में ऐसे कई संकेत हैं, जिनसे दर्शक आसानी से इसे सलमान खान और उनके पुराने काला हिरण मामले से जोड़ सकते हैं.

सलमान के वकील ने अदालत में कहा था कि चार मामलों में से तीन में सलमान को बरी किया जा चुका है जबकि एक मामले में सजा पर रोक लगी हुई है. इसके बावजूद फिल्म में उन्हें एक ऐसे तरीके से दिखाया जा रहा है, जिससे उनकी छवि प्रभावित हो सकती है. सलमान के खिलाफ चल रहे कुछ मामले अभी अदालतों में लंबित हैं, इसलिए उन पर आधारित बताई जा रही कहानी से उनकी निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार प्रभावित हो सकता है.

27 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फिल्म के टीजर और उससे जुड़े ऑनलाइन प्रमोशनल कंटेंट को हटाने का आदेश दिया. अदालत ने सोशल मीडिया और वीडियो प्लेटफॉर्म पर मौजूद लिंक हटाने के निर्देश दिए. कोर्ट ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के रवैये पर भी नाराजगी जताई थी.

दिल्ली हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अमित जानी ने साफ किया था कि वह मामले को Supreme Court तक ले जाएंगे. उन्होंने फिल्म को लेकर अपना पक्ष रखने और इसे रिलीज करने की कोशिश जारी रखने की बात कही थी. अब उन्होंने Supreme Court में याचिका दाखिल कर दी है.

पीके/पीएम