
लंदन, 6 जुलाई . ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि दो ब्रिटिश एफ-35 लड़ाकू विमानों ने एक रूसी समुद्री गश्ती विमान को रोका और उसे एस्कॉर्ट किया, क्योंकि वह बार-बार ब्रिटिश विमानवाहक पोत के पास आ रहा था. यह घटना नॉर्वेजियन सागर में हुई.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मंत्रालय ने कहा कि रूसी ‘बेयर-एफ’ विमान ने ‘एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स’ के बहुत नजदीक और बिना जरूरत के उड़ान भरी और इलाके में कई सोनोबॉय भी गिराए. ये ऐसे उपकरण होते हैं जो पानी के नीचे पनडुब्बियों और अन्य गतिविधियों का पता लगाने और उन्हें ट्रैक करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. इसके अलावा, रूसी विमान ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा रेडियो फ्रीक्वेंसी पर कोई जवाब भी नहीं दिया.
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना दो जुलाई को उस समय हुई जब ब्रिटिश कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ‘ऑपरेशन फायरक्रेस्ट’ के तहत काम कर रहा था.
मंत्रालय ने बताया कि ‘एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स’ से ऑपरेट कर रहे दो एफ-35 लड़ाकू विमानों ने उस रूसी विमान को इंटरसेप्ट किया और तब तक उसके साथ रहे जब तक वह उस क्षेत्र से बाहर नहीं निकल गया.
मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा, “नॉर्थ अटलांटिक में ऑपरेशन ‘फायरक्रेस्ट’ के दौरान, यूके कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के पास बार-बार एक रूसी ‘बयेर-एफ’ समुद्री गश्ती विमान आया. उसने ‘एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स’ के बहुत करीब उड़ान भरी, आसपास कई सोनोबॉय गिराए, और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फ्रीक्वेंसी पर जवाब नहीं दिया. यह व्यवहार असुरक्षित और अनुशासनहीन था.”
ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अभी भी नाटो के सहयोगियों के साथ मिलकर हाई नॉर्थ इलाके में काम कर रहा है और आर्कटिक तथा नॉर्थ अटलांटिक की सुरक्षा पर ध्यान दे रहा है.
रिपोर्ट लिखे जाने तक रूस की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई.
इसी बीच, ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने यह भी बताया कि ‘एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स’ के नेतृत्व में ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप यूरोप और नॉर्थ अटलांटिक की सुरक्षा में मदद कर रहा है. पहली बार एफ-35 लड़ाकू विमान इस जहाज से नाटो एयर पुलिसिंग मिशन में शामिल हुए हैं.
डिफेंस सेक्रेटरी डैन जार्विस, आइसलैंड की विदेश मंत्री थोरगेरदुर कैटरीन गुन्नार्सडॉटिर के साथ मिलकर ‘एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स’ पर मौजूद ब्रिटिश सैनिकों से मिले. यह जहाज इस समय नाटो कमांड के तहत आइसलैंड के पास तैनात है.
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एवाई/डीकेपी