
नई दिल्ली, 25 सितंबर . Supreme Court ने 2020 के दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आरोपी मीरान हैदर की जमानत की शर्त में ढील दी है. अदालत ने पुलिस थाने में उसकी हाजिरी की अवधि सप्ताह में दो बार से घटाकर सप्ताह में एक बार कर दी है.
जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पांचोली की पीठ ने हैदर की अर्जी पर उसके पूर्व जमानत आदेश में संशोधन किया. कोर्ट ने निर्देश दिया कि मीरान हैदर अब हर शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के एसएचओ के समक्ष पेश होगा.
Supreme Court ने हैदर की 17 अक्टूबर को होने वाली शादी को देखते हुए उसे 17 अक्टूबर और 24 अक्टूबर को पुलिस के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से भी छूट दे दी है.
बता दें कि Supreme Court ने इसी साल जनवरी में मीरान हैदर के साथ गुलफिशा फातिमा, शिफा उर रहमान, शादाब अहमद और मोहम्मद सलीम खान को जमानत दी थी. हालांकि, अदालत ने इसी मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था.
मीरान हैदर को जमानत देते समय Supreme Court ने कई शर्तें लगाई थीं. इनमें प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को क्राइम ब्रांच के समक्ष हाजिरी देना भी शामिल था. अब अदालत ने इसी शर्त में संशोधन करते हुए हाजिरी को सप्ताह में एक दिन कर दिया है.
हैदर की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ अग्रवाल ने जमानत की अन्य शर्तों में भी ढील देने की मांग की. इनमें सार्वजनिक समारोहों में शामिल होने और सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से जुड़ी पाबंदियां भी शामिल थीं. हालांकि, पीठ ने इन शर्तों में बदलाव करने से इनकार कर दिया.
पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने सप्ताह में एक बार हाजिरी की मांग का विरोध नहीं किया.
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मीरान हैदर पर लागू जमानत की अन्य सभी शर्तें पहले की तरह जारी रहेंगी. इनमें दिल्ली से बाहर जाने पर प्रतिबंध, पासपोर्ट जमा करने और सार्वजनिक बयान देने या सार्वजनिक रैलियों में शामिल होने पर रोक शामिल है.
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एएमटी/डीकेपी