सीबीआई कोर्ट का फैसला, रिश्वत लेने वाले इनकम टैक्स ऑफिसर को पांच साल की सजा

मुंबई, 30 सितंबर . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कोर्ट ने रिश्वत के मामले में इनकम टैक्स ऑफिसर को 5 वर्ष की सख्त सजा और 1.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है.

दरअसल, औरंगाबाद (छत्रपति संभाजीनगर) की सीबीआई कोर्ट ने रिश्वत के एक मामले में सतीश कुमार भदानी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई. भदानी उस समय जलगांव (महाराष्ट्र) के इनकम टैक्स ऑफिस में इनकम टैक्स ऑफिसर (आईटीओ) थे. उनके खिलाफ पांच वर्ष की सख्त सजा और 1.5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया.

सीबीआई ने इनकम टैक्स ऑफिसर के खिलाफ यह कार्रवाई जलगांव जिले के एक टैक्सपेयर की लिखित शिकायत के आधार पर की, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ 23 सितंबर 2016 को यह मामला दर्ज किया था.

आरोप था कि शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी के इनकम टैक्स रिटर्न को गहन जांच के लिए चुना गया था और आरोपी इनकम टैक्स ऑफिसर ने रिटर्न की गहरी जांच न करने और फैवरेबल असेसमेंट ऑर्डर पास करने के बदले अनुचित लाभ की मांग की थी.

इसके बाद सीबीआई ने एक जाल बिछाया और आरोपी इनकम टैक्स ऑफिसर को शिकायतकर्ता से 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा. जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 28 दिसंबर 2016 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की और 20 दिसंबर 2021 को आरोपी पर आरोप तय किए गए. वहीं, ट्रायल के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया और उसी के अनुसार सजा सुनाई.

इससे पहले सीबीआई ने मंगलवार को 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े एक हत्या के मामले में एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार की गई महिला का नाम झरना मिस्त्री है. वह संजय मिस्त्री की पत्नी हैं, जो इसी मामले में सह-आरोपी भी हैं. सीबीआई ने उन्हें पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के संतोषपुर इलाके के घोषपारा से गिरफ्तार किया.

आरोपी महिला 2021 में एफआईआर दर्ज होने के बाद से ही फरार थी और उसने चुनाव के बाद हुई हिंसा के इस मामले में जांच या मुकदमे की कार्यवाही में कभी हिस्सा नहीं लिया. सीबीआई ने उसकी गिरफ्तारी पर 50,000 रुपए के नकद इनाम की घोषणा की थी.

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डीके/डीकेपी