
रांची, 9 सितंबर . झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने जेएसएससी-जेपीएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो भाजपा बड़ा आंदोलन करेगी.
उन्होंने कहा कि अगर सरकार हमारी मांगों को नहीं मानेगी तो हम विधानसभा के अंदर भी चले जाएंगे. फिर चाहे हम पर गोली चले, लाठी चले या मुकदमा दर्ज हो, हम युवाओं के लिए जेल भी चले जाएंगे, लेकिन कुछ भी हो, यहां के नौजवानों को न्याय मिलना चाहिए. न्याय मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी. यहां तो कांग्रेस की सरकार है. ऐसे में उनको आरोप लगाने का हक नहीं है. सरकार उनकी है, तो जेएसएससी-जेपीएससी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं को लेकर जांच करानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि झारखंड प्रदेश के नौजवानों ने सरकार की सभी चुनौतियों को स्वीकार किया. सरकार ने छात्रों पर आंसू गैस और वाटर कैनन छोड़े, डंडे चलाए, लेकिन नौजवान सभी को झेलते हुए विधानसभा गेट तक पहुंचे. नौजवान चाहते तो विधानसभा के अंदर भी घुस सकते थे, लेकिन उनको पता है कि उनकी सीमा क्या है.
मरांडी ने आगे कहा कि प्रदेश के छात्र और नौजवान पिछले 4-5 वर्षों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं. वे कभी जेएसएससी के दफ्तर का घेराव करते हैं, कभी जेपीएससी के ऑफिस का घेराव करते हैं, कभी विधानसभा का घेराव करते हैं. कभी राज्यपाल भवन के समक्ष धरना पर बैठते हैं, लेकिन सरकार उनको सुनने को तैयार नहीं है. चाहे प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियां हों या वन विभाग के पदाधिकारियों की नियुक्तियां या एक्साइज विभाग के सिपाहियों की नियुक्तियां हो या जेपीएससी की परीक्षाएं, या सीजीएल का पेपर हो, सभी जगह गड़बड़ी और घोटाला है. नौजवान और छात्र एक ही मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं कि इन सभी समस्याओं का एक ही समाधान है, सीबीआई की जांच. सरकार दिखावे के लिए मामले की सीआईडी जांच करा रही है, लेकिन इस पर कैसे भरोसा और विश्वास किया जाए.
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डीके/एबीएम