
नालंदा, 17 अगस्त . मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार बिहार दौरे पर नालंदा पहुंचे, जहां उन्होंने प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहरों का दौरा किया और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से बातचीत की.
विश्व धरोहर स्थल पर पहुंचने पर जिला प्रशासन और पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का स्वागत किया. इसके बाद सीईसी ने ऐतिहासिक परिसर का निरीक्षण किया और यहां मौजूद प्राचीन संरचनाओं एवं अवशेषों के बारे में जानकारी ली.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नालंदा जैसी ऐतिहासिक जगह पर आना उनके लिए गर्व की बात है. उन्होंने बीएलओ को लोकतंत्र की नींव बताते हुए कहा कि उनसे संवाद करना उनके लिए सौभाग्य की बात है. उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका और मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों पर भी चर्चा की.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट भी मतदाता सूची का साथ-साथ ऑडिट करते हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है. मतदाता सूची के सत्यापन, राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट और पोलिंग एजेंट की भूमिका के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया और काउंटिंग के दौरान होने वाले ऑडिट को लेकर भी बीएलओ से चर्चा हुई.
नालंदा के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस स्थल पर पहुंचने से यह एहसास होता है कि हजारों वर्ष पहले भारत की संस्कृति और ज्ञान सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध थे. उन्होंने कहा कि नालंदा जैसी धरोहर पर आकर होने वाले गर्व को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने आगे कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध करने की देश की सबसे सफल पहल बिहार में शुरू हुई थी. उन्होंने 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों का भी उल्लेख किया और कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से हुए चुनाव में मतदान प्रतिशत आजादी के बाद से राज्य में सबसे अधिक रहा.
ज्ञानेश कुमार ने दावा किया कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मतदान प्रतिशत अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन और जापान के आम चुनावों में दर्ज मतदान प्रतिशत से भी अधिक रहा. उन्होंने बिहार के मतदाताओं के साथ-साथ लोकतंत्र की जननी माने जाने वाले वैशाली के मतदाताओं को भी सलाम किया.
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एसएके/पीएम