‘केंद्र सरकार को सिर्फ मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहिए’, कावेरी जल विवाद पर बोले भाकपा सांसद

नई दिल्ली, 13 अगस्त . भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद पी. संतोष ने कावेरी जल विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार को सिर्फ मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहिए. देश की एकता सबसे अधिक जरूरी है.

समाचार एजेंसी से बात करते हुए कावेरी जल विवाद पर सांसद पी. संतोष ने कहा, “पानी से जुड़े विवाद गंभीर चिंता का विषय हैं, लेकिन इन सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए हमें और अधिक बातचीत व चर्चा की जरूरत है. तमिलनाडु और केरल व केरल और कर्नाटक के बीच मुद्दे हैं. केंद्र सरकार को सिर्फ मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि देश की एकता सबसे अधिक जरूरी है. कई ऐसे तत्व हैं जो इस तरह के विवादों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं, यानी ‘गंदले पानी में मछली पकड़ने’ की कोशिश कर रहे हैं. बात यह है कि संबंधित पक्षों को इसे बहुत ईमानदारी और गंभीरता से सुलझाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि हमारे पास समझदार राज्य नेतृत्व है और मुझे उम्मीद है कि कर्नाटक व तमिलनाडु इस मुद्दे को सुलझा लेंगे.

वहीं, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके की ओर से जल्द दूसरा प्रदर्शन करने की घोषणा पर भाकपा सांसद ने कहा, “भाजपा के साथ समस्या यह है कि उनकी पोल खुल गई और उनके अपने ही लोगों को इस्तीफा देना पड़ा. फिर ये लोग इस छात्र आंदोलन को देश-विरोधी आंदोलन के तौर पर दिखाने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन अब उन्हें सच्चाई समझनी होगी.”

पी. संतोष ने कहा, “आम तौर पर, हम विरोध कर रहे छात्रों के साथ हैं, इसमें कोई शक नहीं है. सरकार ने अधिकतर मांगें मान ली हैं. लेकिन फिर भी कुछ और जायज मांगें बाकी हैं और मुझे उम्मीद है कि बातचीत के जरिए उन्हें सुलझाया जा सकता है.”

माकपा सांसद जॉन ब्रिटास की ओर से ‘लुंगी वाला’ बयान पर विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने पर पी. संतोष ने कहा, “यह मामला अब खत्म हो चुका है. राज्यसभा के चेयरमैन ने बहुत अच्छे ढंग से हमें यह मुद्दा उठाने की इजाजत दी और सुष्मिता ने भी जवाब दिया. अब यह मामला खत्म हो गया है. हम समाज में बंटवारा करने वाली ऐसी बातों को और नहीं बढ़ाना चाहते. सुष्मिता ने जो कहा था, वह काफी आपत्तिजनक था और हमने उस पर ध्यान भी दिया था. लेकिन अब यह मामला खत्म हो चुका है.”

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