स्यूटा माइग्रेशन संकट: इटली ने समुद्र और हवाई मार्ग के जरिये स्पेन से आने वालों की शुरू की जांच

रोम, 2 अगस्त . स्पेन के शहर स्यूटा में अवैध प्रवासन के संकट ने इटली और स्पेन के बीच राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. हजारों प्रवासियों के स्पेनिश इलाके में पहुंचने की खबर के बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पेन से समुद्र और हवाई रास्ते से आने वालों पर बॉर्डर पर और कड़ी जांच की घोषणा की. इससे पहले पीएम मेलोनी ने शेंगेन क्षेत्र को सस्पेंड करने की चेतावनी जारी की थी.

दरअसल स्यूटा अफ्रीकी देश मोरक्को की सीमा पर स्थित है. यह यूरोप में दाखिल होने वाले लोगों में लिए प्रमुख रास्ता है. इटली सरकार का मानना है कि यदि प्रवासी स्पेन पहुंच जाते हैं तो शेंगेन क्षेत्र के कारण वे बाद में दूसरे यूरोपीय देशों, जैसे इटली, फ्रांस या जर्मनी तक भी पहुंच सकते हैं.

यूरो न्यूज के अनुसार, इटली ने स्यूटा संकट के बाद स्पेन से आने वाले यात्रियों की फिर से जांच शुरू कर दी है. इटली के बंदरगाहों और एयरपोर्टों पर गैर-ईयू नागरिकों के लिए आईडी चेक किए जाते हैं.

इटली की पीएम मेलोनी की चेतावनी के बाद शेंगेन एरिया को रद्द करने का ऐलान किया. इस कदम को इटली के गृह मंत्री माटेओ पियांटेडोसी ने जरूरी लेकिन ऐहतियाती बताया. कोई भी देश किसी दूसरे देश को फ्री-मूवमेंट एरिया से एकतरफा तौर पर सस्पेंड नहीं कर सकता. ऐसे में इटली ने शेंगेन नियमों के अपवाद के तौर पर स्पेन के साथ बॉर्डर चेकिंग फिर से शुरू कर दी है.

इटली के गृह मंत्री ने बताया कि यह एक महीने के लिए स्पेन के साथ समुद्र और हवाई सीमाओं पर सीमा नियंत्रण को फिर से लागू करना है. यह एक ऐसा कदम है जिसका मकसद खास तौर पर शेंगेन एरिया में गैर-ईयू नागरिकों की रेगुलर आवाजाही पर नजर रखना है.

शनिवार सुबह से, एयरपोर्ट पुलिस ने रोम फिमिसिनो, मिलान मालपेंसा और मिलान लिनेट एयरपोर्ट पर रैंडम चेकिंग की. यूरोपीय संघ के नागरिकों के लिए पहचान का सबूत दिखाना काफी था, लेकिन गैर-ईयू नागरिकों को पहचान के डॉक्यूमेंट के अलावा वैलिड रेजिडेंस परमिट या वीजा भी दिखाना था. इसके अलावा इटली से स्पेन जाने वाले नागरिकों के लिए कुछ भी नहीं बदलता है और वे देश में आने के लिए आजाद हैं.

रोम के चेकिंग फिर से शुरू करने के फैसले पर स्पेन के अधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है. प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन को एक लेटर भेजा, जिसमें स्पेन को सपोर्ट करने और माइग्रेशन संकट को रोकने की रणनीति पर ईयू देशों को वापस लाइन में लाने के लिए ब्रसेल्स से दखल देने की मांग की गई है.

केके/वीसी