
दुर्ग, 30 अक्टूबर . छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की अहिवारा सीट से भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन हो गया. वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ थे और हैदराबाद के यशोदा अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली.
उनके निधन की खबर से भाजपा सहित पूरे राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है. अहिवारा विधानसभा क्षेत्र, दुर्ग-भिलाई तथा राजधानी रायपुर में उनके समर्थक और शुभचिंतक गहरा दुख व्यक्त कर रहे हैं.
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा छत्तीसगढ़ भाजपा के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में गिने जाते थे. राजनीति में आने से पहले उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय तक सेवाएं दीं. वर्ष 1998 में लेक्चरर पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा.
वर्ष 1999 में उन्होंने दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के तत्कालीन सांसद के निजी सहायक के रूप में भी कार्य किया और सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई.
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने वर्ष 2008 में भाजपा के टिकट पर अहिवारा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया था. हालांकि वर्ष 2013 और 2018 के विधानसभा चुनावों में भाजपा इस सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी.
इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया. उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी निर्मल कोसरे को 25,263 मतों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की. चुनाव में उन्हें 96,717 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 71,454 मत प्राप्त हुए थे.
विधायक के रूप में अपने पहले कार्यकाल के दौरान वर्ष 2010 में उन्हें छत्तीसगढ़ विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया था. इस पद पर उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी प्राप्त था.
इसके अलावा उन्होंने विधानसभा की विभिन्न समितियों में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. वर्ष 2023 में दूसरी बार विधायक बनने के बाद उन्हें विधानसभा की पुस्तकालय समिति सहित अन्य समितियों में सदस्य और पदाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी.
अक्टूबर 2025 में छत्तीसगढ़ सरकार ने उन्हें अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था. उन्होंने नवंबर 2025 में इस पद का कार्यभार संभाला था.
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का जन्म 12 अगस्त 1948 को हुआ था. उन्होंने पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की थी. इसके साथ ही उन्होंने बीएड की डिग्री भी हासिल की थी.
शिक्षा, समाजसेवा और राजनीति के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा. एक शिक्षक से विधायक और विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक तथा राजनीतिक पदों तक पहुंचने वाले डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है.
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एएमटी/वीसी