मुख्यमंत्री विजय का 10-11 जुलाई को करूर दौरा, भगदड़ पीड़ितों के परिवारों से करेंगे मुलाकात

चेन्नई, 30 जून . तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय 10 और 11 जुलाई को करूर का दौरा करेंगे. यह पिछले साल 27 सितंबर को टीआरके की एक सार्वजनिक सभा के दौरान हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे के बाद उनका जिले का पहला दौरा होगा, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी.

यह भगदड़ हाल के वर्षों की सबसे भयावह राजनीतिक रैलियों में से एक मानी जाती है, जिसने पूरे देश में आक्रोश पैदा किया था और भीड़ प्रबंधन तथा कार्यक्रम सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे.

यह मामला अभी भी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के दायरे में है, जो Supreme Court की निगरानी में इस केस की जांच कर रही है.

घटना के तुरंत बाद, सुरक्षा कारणों और पुलिस द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के चलते विजय करूर नहीं जा सके थे. इसके बजाय उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शोक संतप्त परिवारों को संबोधित किया था और उन्हें अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था.

इसके बाद, हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारों को महाबलीपुरम बुलाया गया था, जहां विजय ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक प्रभावित परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की थी. यह राशि सीधे उनके संबंधित बैंक खातों में बिना किसी देरी के ट्रांसफर की गई थी.

उस समय विजय ने यह भी आश्वासन दिया था कि दीर्घकालिक जरूरतों और परिवारों की परिस्थितियों का आकलन करने के बाद अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी.

पार्टी और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री अपने आगामी दो दिवसीय करूर दौरे का उपयोग एक बार फिर पीड़ित परिवारों से मिलने और व्यक्तिगत रूप से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए करेंगे.

जानकारी के अनुसार शोक संतप्त परिवारों से मिलने के अलावा, मुख्यमंत्री जिले में कई सरकारी कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे. वे कई कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे. करूर दौरा तमिलनाडु में मुख्यमंत्री के राज्यव्यापी जनसंपर्क कार्यक्रम की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.

करूर के बाद, मुख्यमंत्री का अन्य जिलों का दौरा करने का भी कार्यक्रम है, जहां वे विधानसभा चुनावों में जनता के समर्थन के लिए धन्यवाद देंगे और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे.

इन दौरों के दौरान वे जिला कलेक्टरेट में आयोजित आधिकारिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे, नई विकास परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं का उद्घाटन करेंगे तथा जनता से सीधे संवाद करेंगे. इसका उद्देश्य राज्यभर में जमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करना और नागरिकों से सीधा संपर्क बनाए रखना है.

एसएके/पीएम