मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज के प्रमुख ने नैतिकता और जवाबदेही पर जोर दिया

नई दिल्ली, 17 सितंबर . भारतीय सेना की मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (एमईएस) के इंजीनियर-इन-चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल विकास रोहेला ने गुरुवार को नैतिकता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया.

लेफ्टिनेंट जनरल विकास रोहेला ने एमईएस में नैतिकता और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों पर जोर दिया, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मेजरमेंट बुक की शुरुआत भी शामिल है.

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक खरीद और लिए गए फैसलों के सभी चरणों में नैतिक सिद्धांतों का पालन किया जाना चाहिए.

वे रक्षा मंत्रालय के तहत मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज (एमईएस) के इंडियन डिफेंस सर्विस ऑफ़ इंजीनियर्स (आईडीईएस) के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे, जिन्होंने एक दिन के सम्मेलन का आयोजन करके अपना 77वां स्थापना दिवस मनाया.

‘विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में नैतिकता, जवाबदेही और उत्कृष्टता’ विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में रेलवे मंत्रालय, केंद्रीय सतर्कता आयोग, रक्षा लेखा विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों जैसे विभिन्न विभागों और मंत्रालयों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.

इस मौके पर एमईएस का पूरा परिवार मौजूद था, जिसमें कोर ऑफ इंजीनियर्स के वरिष्ठ अधिकारी और सर्वेयर, आर्किटेक्ट, बैरक और स्टोर और प्रशासन जैसे कैडर संघों के प्रतिनिधि शामिल थे.

एक अन्य घटनाक्रम में, हाल ही में नई दिल्ली में प्रिंसिपल्स और प्रशासनिक अधिकारियों का वार्षिक सम्मेलन 2026 आयोजित किया गया.

एक्स पर एक संदेश में, भारतीय सेना ने कहा, “राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूलों का वार्षिक सम्मेलन 15 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली के मानेक शॉ सेंटर में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता लेफ्टिनेंट जनरल विपुल सिंघल, डीसीओएएस ने की.”

इसमें कहा गया, “आरएमएस के जाने-माने पूर्व छात्र अशोक लवासा, आईएएस (रिटायर्ड) और लेफ्टिनेंट जनरल एसएन हांडा (रिटायर्ड) ने गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई. इस सम्मेलन में वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व, गणमान्य व्यक्ति और आरएमएस के पूर्व छात्र एक साथ आए ताकि संस्थागत प्रगति की समीक्षा की जा सके और शिक्षा, नेतृत्व, अनुशासन और कैडेट के सर्वांगीण विकास में बेहतरीन तौर-तरीकों को साझा किया जा सके.”

रक्षा मंत्रालय के आईएचक्यू के अतिरिक्त महानिदेशालय (सार्वजनिक सूचना) की ओर से एक्स पर एक पोस्ट में कहा गया, “एक महत्वपूर्ण उपलब्धि कैप्टन जीएस सलारिया, पीवीसी के सम्मान में ‘बेस्ट आरएमएस ट्रॉफी’ की शुरुआत थी, जो समग्र संस्थागत उत्कृष्टता को मान्यता देती है. यह पहल चरित्र निर्माण, अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के आरएमएस के मूल्यों को फिर से स्थापित करती है.”

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एससीएच