
मुंबई, 5 अगस्त . सिद्धि विनायक मंदिर दान विवाद को लेकर एनसीपी-(एससीपी) नेता महेश तपासे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मांग की है कि इस पूरे मामले में एसआईटी गठित कर सख्त जांच कराई जाए, ताकि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले.
मुंबई में एनसीपी (एससीपी) नेता महेश तपासे ने से बातचीत में कहा कि मैंने सदा सरवणकर की स्टेटमेंट पढ़ी है, लेकिन सवाल यह है कि इस सरकार में धर्मस्थलों और तीर्थ स्थलों से चोरी कैसे हो रही है. अगर सिद्धि विनायक मंदिर से सालाना 18 करोड़ रुपए चोरी हो रहे हैं तो यह बहुत गंभीर विषय है. किसी भक्त ने चढ़ावा चढ़ाया है और वह चोरी हो जाता है तो उसकी आस्था को चोट पहुंचती है. जनता के मन में कई सवाल उठ रहे हैं कि दान के पैसे का इस्तेमाल कहां पर हो रहा है. मैं राज्य के मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए.
पार्टी के संगठनात्मक फेरबदल पर उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर बदलाव की प्रक्रिया यह निरंतर प्रक्रिया है. दो-तीन दिन पहले हमारे युवा संगठन के भी प्रमुख बदले गए. विद्यार्थी संगठन के भी प्रमुख बदले गए. आज मैं टीवी चैनल पर देख रहा हूं कि अजित दादा की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भी युवा प्रमुख बदले गए. महिला प्रमुख भी बदली गईं, तो किसी भी पार्टी में बदलाव, लीडरशिप का बदलाव, कार्यकर्ताओं का बदलाव, कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारी देना एक निरंतर प्रक्रिया है.
उन्होंने कांग्रेस द्वारा उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को ‘गूंगी गुड़िया’ कहे जाने पर आपत्ति जताई.
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय अजित दादा के साथ मैंने लगभग 20-25 साल काम किया है और सुनेत्रा पवार का काम हमने काफी नजदीक से देखा है. अजित दादा जब सार्वजनिक जीवन में काम कर रहे थे, राजनीति में काम कर रहे थे तो उनको संभालने का काम सुनेत्रा पवार कर रही थीं. मुझे नहीं लगता कि सुनेत्रा पवार किसी प्रकार से गूंगी गुड़िया की श्रेणी में आती हैं. मैं इतना कहूंगा कि व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बचना चाहिए.
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डीकेएम/डीकेपी