
भोपाल, 4 सितंबर . मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के आवासीय इलाकों में चल रही गतिविधियों पर रोक लगाने को लेकर सर्वोच्च न्यायालय ने नगर निगम को निर्देश जारी किए हैं. इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का कहना है कि राज्य सरकार मामले में व्यापारियों और रहवासियों के पक्ष को Supreme Court में पूरी गंभीरता से रख रही है.
दरअसल सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी किए गए निर्देशों के बाद बड़ी संख्या में आवासीय इलाकों में संचालित व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ नगर निगम कार्रवाई कर रहा है. रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम इसमें पक्षपात कर रहा है, वही व्यापारी भी लामबंद है और सरकार से सहयोग मांग रहे हैं.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि राजधानी में व्यापारियों को हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार Supreme Court में चल रहे मामले पर पूरी गंभीरता से नजर रख रही है. राज्य सरकार व्यापारियों की वर्षों पुरानी समस्या का बेहतर समाधान निकालने का हर संभव प्रयास करेगी.
उन्होंने कहा कि पर्वों और त्योहारों के बीच हम अपनी सभी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध हैं. भोपाल से जुड़ी सभी कठिनाइयों और विषयों को हम सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष पूरी गंभीरता से रख रहे हैं. सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन के अनुरूप जो भी बेहतर निर्णय संभव होगा, उसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
सीएम मोहन यादव ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में हम व्यापारियों और स्थानीयवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों पर गंभीरता से विचार करेंगे. सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष हमारा पक्ष भी मजबूती से रखा जाएगा. वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी और बेहतर समाधान की दिशा में सरकार हर संभव प्रयास करेगी.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि आज मैं जानापाव जा रहा हूं, जहां महर्षि परशुराम जी ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था. इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए जानापाव को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा.
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एसएनपी/एसके