
कोलकाता, 7 सितंबर . पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को ‘एबी पीएम-जेएवाई’ (प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना) की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. इस योजना को इस वर्ष के अंत में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में शुरू किया गया था.
सोमवार दोपहर को जारी एक सोशल मीडिया बयान में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि वर्तमान में पश्चिम बंगाल में 3.23 करोड़ सक्रिय कार्ड हैं, जिनके तहत राज्य भर में 3.23 करोड़ लाभार्थियों को अब 500,000 रुपए तक की गारंटीकृत वित्तीय सुरक्षा प्राप्त हो रही है.
उन्होंने यह भी बताया कि इस योजना के तहत अब तक राज्य में 31,541 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया बयान में कहा गया कि हजारों मरीजों को सूचीबद्ध अस्पतालों में समय पर, बिना नकद भुगतान के इलाज मिल चुका है और उनके परिवारों को आर्थिक संकट में नहीं डाला गया है.
उन्होंने यह भी बताया कि 31,541 अस्पताल में भर्ती मरीजों में से 716 मरीज राज्य के बाहर के थे.
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देशव्यापी परिवहन सुविधा का लाभ उठाते हुए पश्चिम बंगाल के मरीजों को भारत भर के प्रमुख संस्थानों में निर्बाध उपचार प्राप्त हुआ है.
उनके अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने से लेकर देशभर में निर्बाध स्वास्थ्य सेवा सुविधा उपलब्ध कराने तक, इस योजना ने पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य को मौलिक रूप से बदलना शुरू कर दिया है.
याद रहे, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को लागू नहीं होने दिया था, क्योंकि तत्कालीन मुख्यमंत्री का कहना था कि राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजना ‘स्वस्थ साथी’ के अस्तित्व में होने के कारण पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की कोई आवश्यकता नहीं है.
पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद, सुवेंदु अधिकारी ने सबसे पहले आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई योजना को राज्य में लागू किया.
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जो लोग आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई योजना के लिए पात्र नहीं होंगे, उन्हें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत कवर किया जाएगा. कवरेज राशि प्रति वर्ष 5 लाख रुपए ही रहेगी.
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एमएस/