
पटना, 5 सितंबर . बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए.
सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने भागलपुर एवं नवगछिया क्षेत्र का सर्वेक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो. सभी आवश्यक इंतजाम और एहतियाती कदम समय पर सुनिश्चित किए जाएं तथा राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे. आमजन की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तत्परता के साथ काम करे.
वहीं, डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने सिंचाई भवन स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न संवेदनशील स्थलों की स्थिति की जानकारी ली. उन्होंने तटबंधों पर लगातार निगरानी रखने और संवेदनशील स्थानों पर पूरी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में हर संवेदनशील स्थल पर सतर्कता और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है.
दूसरी ओर कटिहार के मनिहारी में भी बाढ़ से लोगों को जीवन अस्तव्यस्त हो गया है. एसडीएम त्रिलोकी नाथ सिंह ने अमदाबाद ब्लॉक में बाढ़ की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि करीब 10,000 लोग प्रभावित हुए हैं. कई गांव और स्कूल जलमग्न हैं तथा आवागमन के लिए नावें मुख्य साधन बन गई हैं.
कुछ बाढ़ प्रभावित लोगों ने बताया कि सरकार की ओर से उन तक राहत साम्रगी नहीं पहुंच रही है, जो जमापूंजी है, उसी से गुजारा चल रहा है.
बाढ़ से प्रभावित श्रीकांत ने बताया कि काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. रहने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. सरकार की ओर से खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जा रही है.
एक युवक ने बताया कि घर में पानी भर जाने के कारण चूल्हा भी नहीं जल पा रहा है और बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है. सरकार की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है. नाव से आने-जाने के लिए भी करीब 20 रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं.
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डीकेएम/डीकेपी