
चेन्नई,19 मई . तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री अरुणराज ने मंगलवार को कहा कि फार्मेसी यूनियनों की हड़ताल पर राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि आम जनता को दवाइयों की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो.
चेन्नई सचिवालय में मीडिया से बातचीत करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बंद के दौरान जरूरी सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों से जुड़ी फार्मेसियां हड़ताल में शामिल नहीं होंगी. राज्यभर में करीब 5,000 मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे, ताकि लोगों को आवश्यक दवाइयां आसानी से मिल सकें.
मंत्री ने कहा कि व्यवस्थाओं की निगरानी और समन्वय के लिए ड्रग इंस्पेक्टर तैनात किए गए हैं. साथ ही फार्मेसी संगठनों के साथ पहले ही बातचीत कर ली गई है. आपात स्थिति में लोग दवा संबंधी जरूरतों के लिए ड्रग इंस्पेक्टर समन्वयकों से संपर्क कर सकते हैं.
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए दवाइयों की बिक्री के मुद्दे पर अरुणराज ने कहा कि यह फैसला केंद्र की भाजपा सरकार का है और राज्य सरकार आगे केंद्र के फैसले का इंतजार करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य में आपातकालीन दवाइयों की उपलब्धता प्रभावित नहीं होने दी जाएगी.
एआई आधारित प्रिस्क्रिप्शन और दवा विवरण के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले पर काम कर रही है और यह विषय उनके संज्ञान में है.
ऑनलाइन दवा वितरण को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर नजर रख रही है और किसी भी तरह के नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि नीट को लेकर टीवीके का सिर्फ एक ही रुख है. हमारा मानना है कि नीट राज्यों के अधिकारों के खिलाफ है. हम लगातार कहते आए हैं कि नीट की जरूरत नहीं है. हम अपने रुख के आधार पर केंद्र सरकार से इसे हटाने की मांग करते रहेंगे.
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एएमटी/डीकेपी