
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर . कांग्रेस नेता उदित राज ने दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया में दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर, फ्री शरजील इमाम’ जैसे विवादित नारों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए वाइस चासंलर की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. साथ ही, उदित राज ने शरजील इमाम के विषय पर कहा कि जमानत मिलनी चाहिए.
यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे नारों को लेकर उदित राज ने से बात करते हुए कहा, “जांच होनी चाहिए. सरकार को जांच करना चाहिए कि किसने लिखा है. आईबी से जांच कराई जानी चाहिए. एनआईए भी जांच कर सकती है.” कांग्रेस नेता ने आगे कहा, “वाइस चांसलर भी आरएसएस-भाजपा समर्थक हैं. वाइस चांसलर की जिम्मेदारी तय हो.”
शरजील इमाम का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “शरजील इमाम को जमानत मिलनी चाहिए. जमानत देने से इनकार करना गलत बात है.” उदित राज ने आरोप लगाया कि एक विशेष समुदाय से आने के कारण ऐसा हो रहा है. दुर्भाग्य है कि न्यायपालिका भी न्याय नहीं दे रही है.
उदित राज ने यह भी कहा कि न्यायपालिका के ऊपर सरकार का दबाव है. कॉलेजियम प्रणाली को प्रधानमंत्री और गृह मंत्री तय करते हैं. अखिल भारतीय न्यायिक सेवा (एआईजेएस) जब तक लागू नहीं होगी, तब तक न्यायपालिका से कोई न्याय लिया जाना मुश्किल है.
उदित राज ने केरल के राज्यपाल के लोकभवन में ‘सिर्फ शाकाहारी रसोई’ वाले कथित आदेश पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “अब वह खुद खाएं न खाएं, वह अलग बात है. लेकिन राजभवन में रोक लगा देना कि लोग ही न खाएं, वह गलत बात है. यह जानबूझकर के एक एजेंडा खड़ा करते हैं. आप न खाइए. 80 प्रतिशत से ज्यादा भारतीय नॉनवेज खाते हैं, तो आप 80 प्रतिशत से ज्यादा जनता की भावना को दरकिनार करके अपना खुद का थोपना चाहते हैं? आप खाइए वेज, कौन रोक रहा है? अब राजभवन में नहीं बनेगा, यह तो बात दुरुस्त नहीं है.”
आईटीबीपी डीपी के चीन के संबंध में आए बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा, “हमारी जमीन कब्जा होती जा रही है. हम जानते हैं कि हमारी सेना का शौर्य है और वह साहसी है, लेकिन वहां सरकार सिर्फ शो करा रही है. ताकत दिखाने का भी कोई मतलब होता है या सिर्फ राजनीतिक उद्देश्य निकाले जाते हैं. इसलिए जो हो रहा है, उसके बाद में सरकार को स्पष्ट बताना चाहिए.”
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डीसीएच/