
नई दिल्ली, 21 जून . कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राम मंदिर चंदे से जुड़े चंदा विवाद, ग्रेट निकोबार आइलैंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और नीट की दोबारा परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली से देश के गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग प्रभावित हो रहे हैं.
राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में अनियमितताओं के मुद्दे पर इमरान मसूद ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है. उन्होंने कहा कि बात चोरी की है, चंदा चोरी हुआ है और यह एक-दो रुपए की चोरी नहीं है, यह डकैती है. राम की माया राम जाने.
वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा ग्रेट निकोबार आइलैंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के विरोध को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर लगाए गए आरोपों पर भी मसूद ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि सरकार देश की संपत्तियों को बेचने का काम कर रही है. मसूद ने कहा कि सारी संपत्ति तो बेच दी आपने. अगर ऐसे ही चलता रहा तो देश का आदिवासी, देश का दलित, बैकवर्ड और खासतौर से मुसलमान और अन्य माइनॉरिटी किस हाल में होंगे. आप तो ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं कि 90 प्रतिशत लोग गुलामी करें और 10 प्रतिशत लोग राज करें. आप देश को उसी दिशा में ले जा रहे हैं.
नीट परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद और दोबारा परीक्षा के फैसले पर कांग्रेस सांसद ने उम्मीद जताई कि इस बार व्यवस्था बेहतर होगी. हालांकि उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया. मसूद ने कहा कि अल्लाह करे कि बेहतर हो. पेपर लीक की वजह से कितने बच्चों ने आत्महत्या कर ली, उनकी मौत की जिम्मेदार यह सरकार है.
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पीएसके/वीसी