
शिवमोग्गा, 30 सितंबर . कर्नाटक कांग्रेस ने बुधवार को ‘भारत जोड़ो 2.0’ पदयात्रा की शुरुआत की. यह पदयात्रा शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा तालुक के कित्तदहल्ली गांव से शुरू हुई. यह यात्रा उस विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरेगी, जिसका प्रतिनिधित्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र करते हैं.
बीवाई विजयेंद्र के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा भी पहले इसी सीट से विधायक रह चुके हैं.
‘भारत जोड़ो 2.0’ पदयात्रा करीब 9 से 10 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. यह यात्रा कोटे, होसनगरा क्रॉस और नेलावोडलू से होते हुए शिकारीपुरा में खत्म होगी. यात्रा के बाद एपीएमसी मैदान में एक सभा का भी आयोजन किया गया है.
इस पदयात्रा में केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद, शहरी विकास मंत्री यतींद्र सिद्दारमैया, मुजराई मंत्री केएस बसवंतप्पा और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए.
कांग्रेस ने ‘भारत जोड़ो 2.0’ पदयात्रा को उन 84 विधानसभा क्षेत्रों में निकालने की योजना बनाई है, जहां पार्टी 2023 के विधानसभा चुनाव में हार गई थी. यह अभियान 84 दिनों तक चलेगा और 29 जिलों को कवर करेगा.
पार्टी ने कहा है कि इस कार्यक्रम का फोकस लोगों से मिलना और स्थानीय मुद्दों, जिसमें सूखा और किसानों की समस्याएं शामिल हैं, पर चर्चा करना है.
पदयात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि बीवाई विजयेंद्र ने कांग्रेस के झंडे और पोस्टर हटवा दिए हैं.
बीके हरिप्रसाद ने कहा, “बीवाई विजयेंद्र येदियुरप्पा ने कांग्रेस पार्टी के झंडे और पोस्टर हटवा दिए हैं. वह अभी भी एलकेजी का बच्चा हैं. मुझे ऐसे मामलों में पीएचडी और डॉक्टरेट हासिल है. अगर मैं चाहूं तो यह सुनिश्चित कर सकता हूं कि कहीं भी उनके झंडे और बैनर न लगें. हममें वह क्षमता है.”
उन्होंने कहा, “ऐसी हरकतें नहीं करनी चाहिए. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष होते हुए बीवाई विजयेंद्र को ऐसा नहीं करना चाहिए. लोकतंत्र में हमें विरोध करने का अधिकार है. अगर हमारे चिह्न, झंडे और बैनर फाड़े जाएंगे, तो भाजपा के झंडे, बैनर और पोस्टर भी निकाले जाएंगे.”
भाजपा के हालिया विरोध मार्च का जिक्र करते हुए बीके हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि भाजपा की पदयात्रा सूखा प्रभावित तालुकों से होकर गुजरी, लेकिन उसने सूखे का मुद्दा नहीं उठाया.
उन्होंने बीवाई विजयेंद्र पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी निशाना साधा और दावा किया कि शिकारीपुरा विधायक भ्रष्टाचार के मामले में पूरी दुनिया के लिए मॉडल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीवाई विजयेंद्र ने अपने पिता के नाम पर आरटीजीएस ट्रांजैक्शन के जरिए 17 करोड़ रुपए की रिश्वत ली थी.
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वीकेयू/एबीएम