
पुणे, 30 जुलाई . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 1 अगस्त को पुणे दौरे से पहले शहर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. पुणे शहर कांग्रेस ने शाह के दौरे के दौरान विरोध-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, वहीं भाजपा ने इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए जैसे को तैसा जवाब देने की चेतावनी दी है.
पुणे शहर (पूर्व) कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रशांत जगताप ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने नीट पेपर लीक को लेकर देशभर में हो रहे छात्र विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश की. इन प्रदर्शनों में शामिल छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस छोड़ी गई और बल प्रयोग किया गया, जिससे कई छात्र घायल हो गए.
जगताप ने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उन छात्रों की आवाज दबाने के लिए जिम्मेदार थे जो नीट पेपर लीक विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे से निपटने के केंद्र के तरीके के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएगी.
प्रदर्शन की घोषणा करते हुए जगताप ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता, छात्र और जागरूक नागरिक 1 अगस्त को सुबह 10:30 बजे शंकरशेठ रोड पर सेवन लव्स चौक पर इकट्ठा होंगे. यह जगह शाह के दौरे के तय रूट पर पड़ती है.
उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं और विरोध प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी उनके परिवार के सदस्यों को परेशान किया जा रहा है.
पुणे के निवासियों से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील करते हुए जगताप ने कहा कि यह विरोध केंद्र सरकार के तानाशाही रवैये और छात्रों पर किए गए अत्याचारों के खिलाफ होगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस उन कार्यों के खिलाफ आवाज उठाती रहेगी जो लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करते हैं.
इस बीच, पुणे शहर भाजपा अध्यक्ष धीरज घाटे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कांग्रेस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया. घाटे के अनुसार, शाह का दौरा एक महत्वपूर्ण नागरिक कार्यक्रम से जुड़ा है और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.
उन्होंने बताया कि शाह लोकमान्य तिलक पुरस्कार समारोह में शामिल होने वाले हैं, जिसके दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. घाटे ने कहा कि यह कार्यक्रम पुणे के लिए गर्व की बात है और कांग्रेस पर राजनीतिक कारणों से इस अवसर को फीका करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.
घाटे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल राजनीतिक फायदे के लिए और बिना किसी उचित कारण के यह विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रही है.
उन्होंने कहा कि भाजपा इस आंदोलन का पुरजोर विरोध करेगी और कहा कि साउंड सिस्टम और कार्यक्रम की व्यवस्था से जुड़ी सभी जरूरी अनुमतियां पुलिस अधिकारियों से ले ली गई हैं. घाटे की बातों का जवाब देते हुए जगताप ने फिर कहा कि कांग्रेस किसी भी दबाव या विरोध की परवाह किए बिना अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी.
उन्होंने आरोप लगाया कि पुणे पुलिस आंदोलन को रोकने की बार-बार कोशिश कर रही है, लेकिन उन्होंने कहा कि पार्टी पीछे नहीं हटेगी.
भाजपा नेता की चुनौती स्वीकार करते हुए जगताप ने कहा, “हम विरोध प्रदर्शन करेंगे, हमें रोककर दिखाएं. अब यह देखना होगा कि पुणे शहर में कानून-व्यवस्था पुलिस बनाए रखती है या भाजपा कार्यकर्ता. अगर भाजपा हमारे विरोध प्रदर्शन में बाधा डालने की कोशिश करती है, तो पूरा शहर देखेगा कि पुलिस क्या करती है.”
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डीकेएम/वीसी