आंध्र प्रदेश: चक्रवात ‘मुरासु’ से आठ लोगों की मौत, 1918 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान

अमरावती, 5 नवंबर . चक्रवात ‘मुरासु’ के कारण आंध्र प्रदेश में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि राज्य को लगभग 1,918.55 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा है. यह जानकारी अधिकारियों द्वारा किए गए प्रारंभिक नुकसान आकलन में सामने आई है.

मंगलवार को तट से टकराए इस चक्रवात के कारण बापटला जिले में पांच, गुंटूर जिले में दो और पलनाडु जिले में एक व्यक्ति की जान गई.

चक्रवात से 1,43,122 हेक्टेयर कृषि भूमि में फसलें प्रभावित हुईं, जिससे 1,86,063 किसान प्रभावित हुए हैं. वहीं, 6,749 हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा, जिससे 12,586 किसान प्रभावित हुए. इसके अलावा 983 मकान, 346 नौकाएं और 220 मछली पकड़ने के जाल भी क्षतिग्रस्त हो गए.

अधिकारियों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को बताया कि बाढ़ का पानी पूरी तरह उतरने के बाद फसलों के नुकसान का सही आकलन करने में 48 से 72 घंटे का समय लगेगा.

मुख्यमंत्री ने चक्रवात के बाद की स्थिति की समीक्षा की और कृषि, बिजली, नगर प्रशासन तथा पंचायती राज समेत विभिन्न विभागों में हुए नुकसान की जानकारी ली. उन्होंने राहत और पुनर्वास कार्यों की भी समीक्षा की.

लगातार दो चक्रवातों से प्रभावित राज्य की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो. उन्होंने बिजली आपूर्ति बहाल करने, सड़कों की मरम्मत और पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता देने को कहा.

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वह शुक्रवार को स्वयं चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेंगे.

अधिकारियों ने बताया कि बिजली व्यवस्था बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है. एपीसीपीडीसीएल क्षेत्र में प्रभावित 1,103 में से 871 फीडर बहाल कर दिए गए हैं, जबकि 232 फीडर अभी बहाल किए जाने बाकी हैं. क्षतिग्रस्त 3,946 बिजली पोलों में से 1,493 की मरम्मत कर दी गई है.

सड़क एवं भवन (आरएंडबी) विभाग के अनुसार, प्रमुख जिला सड़कों और राज्य राजमार्गों के 760.10 किलोमीटर हिस्से को नुकसान पहुंचा है. सड़क पर गिरे पेड़ों वाले सभी 206 स्थानों को साफ कर दिया गया है.

पंचायती राज इंजीनियरिंग विभाग के मुताबिक, 74 ग्रामीण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं और कुल 204.14 किलोमीटर सड़क प्रभावित हुई है. इनके पुनर्निर्माण पर लगभग 92.08 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है.

गुरुवार तक राज्य के 31,428 दूरसंचार टावरों में से 30,518 फिर से चालू हो चुके हैं, जिससे 97.1 प्रतिशत दूरसंचार सेवाएं बहाल हो गई हैं. हालांकि, बापटला, प्रकाशम और पश्चिम गोदावरी जिलों के कुछ क्षेत्रों में काम अभी जारी है.

पंचायती राज विभाग ने बताया कि चक्रवात से 59 मंडल और 649 ग्राम पंचायतें प्रभावित हुई हैं. चिन्हित सभी 336 जल निकासी अवरोधों को हटा दिया गया है. अधिकारी लगातार बाढ़ के प्रवाह, जलाशयों और नहरों की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.

प्रकाशम बैराज में जलप्रवाह और निकासी दोनों 43,500 क्यूसेक पर बनाए रखे गए हैं तथा 70 में से 60 गेट खुले हुए हैं. बुडामेरु डायवर्जन चैनल में 6,047 क्यूसेक पानी बह रहा है. वहीं, तम्मिलेरु में जलप्रवाह घटकर 26,000 क्यूसेक से 10,200 क्यूसेक रह गया है.

राहत और बचाव कार्यों में एसडीआरएफ की 11 टीमों, एनडीआरएफ की 13 टीमों और 390 अग्निशमन कर्मियों ने हिस्सा लिया.

लोगों को समय रहते सतर्क करने और तैयार रहने के लिए करीब 5.87 करोड़ चेतावनी संदेश भेजे गए.

राज्य सरकार ने तत्काल राहत और सहायता के लिए जिलों को 37 करोड़ रुपए जारी किए हैं. बिजली ढांचे, सड़कों, पेयजल व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को बहाल करने का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जा सके.

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एएमटी/डीकेपी