गौतमबुद्ध नगर में बढ़ा स्वाइन फ्लू और डेंगू का खतरा, संक्रमित मरीजों की संख्या 140 पहुंची

नोएडा, 27 अगस्त . गौतमबुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू और डेंगू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. जिले में स्वाइन फ्लू संक्रमण के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है. पिछले आंकड़ों की तुलना में 20 नए मरीज सामने आने के बाद स्वाइन फ्लू से प्रभावित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 140 हो गई है. लगातार बढ़ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है. विभाग की ओर से लोगों को बदलते मौसम के बीच विशेष सावधानी बरतने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने की सलाह दी जा रही है.

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों में मुख्य रूप से तेज बुखार, सूखी खांसी और गले में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा कुछ मरीजों में कमजोरी, शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतें भी सामने आ सकती हैं. चिकित्सकों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है. खासकर लगातार तेज बुखार या खांसी की समस्या रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.

स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वाइन फ्लू की पहचान के लिए रैपिड एंटीजन किट के माध्यम से नि:शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है. अधिकारियों के मुताबिक संक्रमण के लक्षण वाले लोगों को जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वाइन फ्लू और डेंगू दोनों ही बीमारियों के लक्षणों में शुरुआती स्तर पर कुछ समानताएं हो सकती हैं, इसलिए बिना जांच और चिकित्सकीय सलाह के खुद से दवा लेना उचित नहीं है. विशेष रूप से बुखार आने पर मरीज को पर्याप्त आराम और तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए तथा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपचार लेना चाहिए. स्वाइन फ्लू के साथ-साथ जिले में डेंगू के खतरे को देखते हुए भी स्वास्थ्य विभाग निगरानी कर रहा है. बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है.

ऐसे में लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने की अपील की जा रही है. कूलर, गमले, छत और अन्य स्थानों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करना जरूरी है. स्वास्थ्य विभाग लोगों से अपील कर रहा है कि बुखार, खांसी, गले में दर्द या शरीर में असामान्य कमजोरी जैसे लक्षण होने पर लापरवाही न बरतें. भीड़भाड़ वाली जगहों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचें, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें तथा हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें.

पीकेटी/डीकेपी