
नई दिल्ली, 12 जुलाई . दिल्ली पुलिस ने रोहिणी में महज चार घंटे के भीतर कथित लूट की एक वारदात का पर्दाफाश करते हुए शिकायतकर्ता को ही आरोपी के रूप में गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने उसके वाहन के बोनट के नीचे छिपाए गए पूरे 5 लाख रुपये भी बरामद कर लिए.
रोहिणी जिला पुलिस की ओर से जारी बयान के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने मालिक द्वारा सौंपे गए रुपये हड़पने के इरादे से बंदूक की नोक पर लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी. जांच के दौरान पता चला कि उसने नकदी को अपनी ही गाड़ी के बोनट में बैटरी के पास बने हिस्से में छिपा रखा था.
यह मामला 10 जुलाई को सामने आया, जब के.एन.के. मार्ग थाने में पीसीआर कॉल के जरिए सूचना दी गई कि रोहिणी सेक्टर-26 स्थित द्वारकाधीश अपार्टमेंट के पास थार एसयूवी में सवार तीन बदमाशों ने एक व्यक्ति से बंदूक की नोक पर 5 लाख रुपये लूट लिए.
शिकायतकर्ता की पहचान 42 वर्षीय गुरनाम सिंह उर्फ हैप्पी के रूप में हुई. उसने पुलिस को बताया कि वह कश्मीरी गेट स्थित एक स्पेयर पार्ट्स वर्कशॉप में चालक और हेल्पर के तौर पर काम करता है. उसके अनुसार, मालिक ने उसे वर्कशॉप से 5 लाख रुपये लेकर रोहिणी सेक्टर-14 पहुंचाने के लिए कहा था. उसने दावा किया कि रास्ते में थार एसयूवी सवार तीन लोगों ने उसकी गाड़ी रोककर नकदी लूट ली.
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की. मामले की गंभीरता को देखते हुए के.एन.के. मार्ग थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई.
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से शिकायतकर्ता की पूरी आवाजाही की पड़ताल की. जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता की गाड़ी का किसी भी थार एसयूवी ने पीछा नहीं किया था और न ही उसे कहीं रोका गया था.
इसके बाद पुलिस ने उसके वाहन की गहन तलाशी ली. तलाशी के दौरान गाड़ी के बोनट में बैटरी के पास कपड़े के एक बैग में छिपाए गए पूरे 5 लाख रुपये बरामद हुए. वर्कशॉप के प्रतिनिधियों ने भी बरामद नकदी की पहचान कर ली.
पुलिस के मुताबिक, सबूत सामने आने पर गुरनाम सिंह ने स्वीकार किया कि उसने ही नकदी छिपाकर फर्जी लूट की कहानी बनाई थी. उसने माना कि पैसों को हड़पने के इरादे से उसने झूठी पीसीआर कॉल की थी.
पुलिस ने बताया कि गुरनाम सिंह पिछले 10 वर्षों से उसी वर्कशॉप में चालक के रूप में काम कर रहा था. पूछताछ में उसने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उसने यह साजिश रची थी.
कबूलनामे के बाद पुलिस ने गुरनाम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की झूठी सूचना देने और आपराधिक न्यासभंग (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) से संबंधित धाराएं भी जोड़ दी गई हैं. मामले की आगे की जांच जारी है.
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डीएससी